जिनको जनता ने जिताया, नौ दिन बाद जनता के बीच

नगर परिषद चुनाव परिणाम 19 नवम्बर को आए, उससे एक दिन पहले ही बाड़बंदी हो गई, अब उप सभापति के चुनाव के बाद वापस लौटे

 

By: Dharmendra Yadav

Published: 27 Nov 2019, 05:59 PM IST

अलवर.
अलवर, भिवाड़ी व थानागाजी सहित प्रदेश के अधिकतर नगर निकायों में जिनको जनता ने जिताया उनके से अधिकतर नौ दिन बाद अपने घर व वार्ड की जनता के बीच नजर आए हैं। निकाय चुनाव 19 नवम्बर को हुए। उससे एक दिन पहले ही पार्षदों की बाड़ेबंदी हो गई थी। अब सभापति व उप सभापति चुनाव के बाद पार्षद बाड़ेबंदी से वापस घर लौट गए हैं। बहुत से पार्षद तो ऐसे भी हैं। जो नौ दिन बाद अपने परिवार के लोगों से मिले हैं।

नगर परिषद अलवर, भिवाड़ी व नगर पालिका थानागाजी में किसी भी पार्टी को सभापति व उप सभापति चुनाव के लिए बहुमत नहीं दिया। जिसके कारण पार्षदों की बाड़ेबंदी पर जोर रहा। तीनों जगहों पर निर्दलीय अधिक जीतकर आए। ऐसे में पार्टियों के नेताओं की मजबूरी निर्दलियों को बाड़ेबंदी में ले जाना मजबूरी हो गई। पार्टी के नेताओं की आपसी राजनीति के कारण निर्दलीयों के साथ पार्टी के पार्षदों को भी बाड़ेबंदी में ले जाया गया। जिसके कारण पार्षद 19 नवम्बर के बाद 27 नवम्बर की शाम को अपने घर व वार्डों में लौटे हैं।

अब जनता पूछ रही कहां रहे इतने दिन
वार्डों में पार्षदों के वापस लौटने पर अब जनता पूछ रही कि इतने दिन कहां रहे। जनता को पता है कि पार्षद बाड़ेबंदी में रहे। एक के बाद कई जगह सैर सपाटे करके आए हैं। घूमे-फिरे हैं। मौज मस्ती के बाद वापस आए हैं।

समस्याओं की शिकायत नहीं कर पाए
वार्ड पार्षद अपने क्षेत्र में नहीं होने के कारण आमजन समस्याओं को लेकर शिकायत भी नहीं कर सके। अलवर शहर में ज्यादातर लोग मूलभूत समस्याओं को लेकर पार्षदों को ही शिकायत करते हैं। जिसके कारण चुनाव के बाद वार्डों में कई तरह की समस्याएं हैं। जिनका समाधान नहीं हो पाया है। पहले की तरह अब भी मुख्य रूप से सफाई, नाले व लावारिश पशुओं की समस्या की अधिक हैं। कुछ आवश्यक कागजातों को लेकर पार्षदों से मिलना होता है। अब वे काम भी हो सकेंगे।

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