अतिक्रमण हटाने के बाद दफनाया शव

अतिक्रमण हटाने के बाद दफनाया शव
लक्ष्मणगढ़. गांव मल्लाका बास में कब्रिस्तान में मिट्टी डालते लोग।

Shyam Sunder Sharma | Updated: 23 Aug 2019, 06:16:22 PM (IST) Alwar, Alwar, Rajasthan, India

मल्ला का बास का मामला

लक्ष्मणगढ़. ग्राम पंचायत जावली के मल्ला का बास गांव मेंगुरुवार को कब्रिस्तान से अस्थाई अतिक्रमण हटाने के करीब २० घंटे बाद वृद्ध महिला के शव को दफना दिया गया।
जानकारी के अनुसार मल्ला का बास में रहमानी (९०) पत्नी कमला का इंतकाल बुधवार शाम करीब चार बजे हो गया। शव को दफनाने ले गए ग्रामीणों को कब्रिस्तान में अस्थाई अतिक्रमण से परेशानी हुई तो उन्होंने कब्रिस्तान व रास्ते के अतिक्रमण को नहीं हटाने तक शव को दफनाने से इनकार कर दिया। सूचना मिलने पर तहसीलदार भोलाराम वर्मा व एसएचओ अजीत सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की। देर रात एसडीएम अनिल सिंघल व पुलिस उपाधीक्षक ओमप्रकाश मीना मल्ला का बास पहुंचे लेकिन परिजन व ग्रामीण अतिक्रमण हटवाने की मांग पर अड़े रहे। गुरुवार सुबह एसएचओ अतीज सिंह राजपूत, पटवारी व कानूनगो के साथ पहुंचे और अस्थाई अतिक्रमण हटवाया। उसके बाद ग्रामीणों ने शव को दफना दिया।
शव को रखा तो अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई : कब्रिस्तान पर हो रहे अतिक्रमण को हटवाने की मांग को लेकर पीडि़त जोरमल लगभग दस वर्षों से मांग करता रहा है। इसके लिए वह कब्रिस्तान पर अतिक्रमण की शिकायत तहसीलदार, एसडीएम, एडीएम, जिला कलक्टर, जिला प्रभारी मंत्री, वक्फ बोर्ड व मुख्यमंत्री व कई विधायकों से कई बार अतिक्रमण हटवाने की मांग कर चुके है। शिकायत पर उच्च अधिकारियों ने कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए लेकिन अतिक्रमण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। आखिर पीडि़त ने मां की मौत के शव को नहीं दफनाया तब जाकर पीडि़त की सुनवाई हुई।

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