रीट 2018: रीट परीक्षा के अभ्यर्थियों ने बताया कैसा था पेपर, इस विषय के प्रश्नों में उलझे अभ्यर्थी

रीट परीक्षा का आयोजन रविवार को हुआ, अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा में साइक्लोजी के प्रश्न काफी मुश्किल आए।

By: Jyoti Sharma

Published: 12 Feb 2018, 04:28 PM IST

अलवर. राज्य भर में रविवार को रीट परीक्षा आयोजित की गई। इसमें करीब साढे़ नौ लाख से भी अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। रीट परीक्षा को लेकर पिछले काफी समय से तैयारी चल रही थी। राज्य में तीन साल बाद होने वाली इस परीक्षा को लेकर बेरोजगारों को बड़ी उम्मीद है। इस बार परीक्षा में प्रश्न पत्र सरल होने के बावजूद परिणाम को लेकर सब चिंतित हैं। अलवर में भी अलग-अलग जगहों से अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए पहुंचे। परीक्षार्थियों का कहना था कि परीक्षा सरल थी, लेकिन साइक्लॉजी के प्रश्न बहुत कठिन थे।रीट में परीक्षा देने आए परिक्षार्थियों का कहना था इस बार प्रश्न पत्र सरल है। इसलिए प्रतिशत अधिक जाएगा।

इस बार पेपर आसान था। इस बार यह मेरा दूसरा मौका था। इसलिए कुछ अनुभव भी काम आया। लेकिन इस बार साइक्लॉजी के प्रश्न काफी कठिन थे। मेरी तैयारी भी अच्छी थी। उम्मीद है कि नंबर आ ही जाएगा।
-राकेश शर्मा, जयपुर

मैंने इस परीक्षा की पिछले छह महीने तक लगातार तैयारी की है। सिलेबस के अनुसार ही प्रश्न आए हैं। मेरा टारगेट 110 प्रश्नों का था जो पूरा हो गया है। यदि भाग्य ने साथ दिया तो पात्रता मिल ही जाएगी।
-दीपक जाखड़, जयपुर

पहले भी रीट की परीक्षा दी है इसलिए अनुभव था। इस बार परीक्षा अच्छी हुई है। साइक्लोजी के प्रश्न ज्यादा कठिन लगे बाकी सब सरल था। अबकी बार सलेक्शन होने की उम्मीद है।
-रामेश्वर सिंह, परीक्षार्थी

रीट की परीक्षा पहली बार दी है। मैंने इस परीक्षा की अच्छी तैयारी की थी इसलिए पेपर आसानी से हल हो गया। साइक्लॉजी के प्रश्न काफी कठिन थे, इसके लिए दिमाग की जरुरत ज्यादा पड़ी।
सहरूना बानो, मालाखेड़ा

शिक्षक भर्ती की यह मेरा पहली परीक्षा थी। पहला अनुभव काफी अच्छा रहा। जो तैयारी थी उसके अनुसार पेपर अच्छा हुआ है। पेपर के अधिकतर सवाल हल किए हैं। प्रश्न सामान्य थे। इसलिए अच्छा परिणाम मिल सकता है।
-महेंद्र सैनी, टोंक

अधिकतर प्रश्न सरल थे। रीट की तैयारी मैंने कोचिंग में की थी। अधिकतर प्रश्न सिलेबस के ही आए हैं। लेकिन कुछ प्रश्न एेसे थे जो समझ में नहीं आए। उनको लेकर काफी असमंजस रहा। अंत में दिमाग लगाकर ही हल हो पाए।रसमीना,मालाखेड़ा

एक बार सरकारी नौकरी लग जाए तो जीवन की तमाम परेशानियां खत्म हो जाएंगी। यही सोचकर रीट की अच्छी तैयारी की थी। परीक्षा भी अच्छी हुई है। सिलेबस के अनुसार ही प्रश्न आए हैं।
कविता कुमारी, परीक्षार्थी

Jyoti Sharma
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