अलवर में यहां ई-मित्र के नाम से काटी जा रही थी ग्राहकों की जेब, जांच में निकला कुछ ऐसा, उड़ गए सबके होश

अलवर में फर्जी ई-मित्र खोलकर ग्राहकों को लूटने की सूचना मिलते ही ई-मित्र टीम ने जांच की।

By: Prem Pathak

Published: 20 Jul 2018, 10:10 AM IST

अलवर. परिवहन विभाग कार्यालय के ऑनलाइन होते ही इसके बाहर डेरा जमाए बैठे दलालों ने भी जेब काटने की ऑनलाइन गली निकाल ली है। स्थिति ये है कि विभाग के कार्यालय के बाहर नित नए ई-मित्र खुल रहे है। इनमें से कई ई-मित्र ऐसे भी हैं, जिनके पास ना सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग का लाइसेंस है और न कोई सुविधा। इसके बावजूद ये बदस्तूर चल रहे हैं। कई ई-मित्र संचालक ऐसे भी हैं, जिनके लाइसेंस तो कहीं और के हैं, लेकिन उन्होंने परिवहन विभाग कार्यालय के बाहर डेरा जमाया हुआ है।

गुरुवार को एक शिकायत पर जब सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग की टीम इन ई-मित्रों की जांच को पहुंची तो इनमें से तीन ई-मित्र ऐसे मिले, जिनके लाइसेंस कहंी और के थे। वहीं, पांच ई-मित्रों पर रेट लिस्ट चस्पा नहीं थी। इसके चलते वे यहां आने वाले लोगों से मनमाने दाम वसूल रहे थे। केवल तीन ई-मित्र ऐसे थे, जो नियमानुसार चल रहे थे।


साइबर कैफे का नाम, करते केवल एक काम

कार्यालय के बाहर टीम को 7 साइबर कैफे भी मिले जिन पर कम्प्यूटर, प्रिंटर आदि रखे हुए थे। ये कैफे केवल नाम के थे। इन पर केवल परिवहन विभाग कार्यालय से संबंधित कार्य ही होता था। इस काम में वे मोटी रकम वसूल रहे थे।

लाइसेंस कहीं का, ई-मित्र कहीं

टीम को जांच में तीन ई-मित्र ऐसे मिले जिनके लाइसेंस तो अन्यत्र के थे, लेकिन ये चल परिवहन विभाग कार्यालय के बाहर रहे थे। इस पर टीम ने इन्हें मूल स्थान पर जाने के लिए पाबंद किया। वहीं, जिन ई-मित्रों पर रेट लिस्ट चस्पा नहीं मिली, उन्हें रेट लिस्ट चस्पा करने के निर्देश दिए।

जांच में 18 कम्प्यूटर की दुकानें मिली। इनमें से 7 प्राइवेट कैफे व 11 ई-मित्र लाइसेंस धारक थे। 8 ई-मित्रों के पास कार्यालय के बाहर का लाइसेंस था। तीन का अन्यत्र का था जिन्हें मूल स्थान पर जाने को कहा है।
चारू अग्रवाल, डिप्टी डायरेक्टर आईटी विभाग।

परिवहन विभाग कार्यालय परिसर में कोई ई-मित्र नहीं है। विभाग के सारे कार्य ऑनलाइन हैं, जो कहीं भी कराए जा सकते है। ई-मित्र का लाइसेंस सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग देता है। कार्रवाई का अधिकार भी उन्हीं का बनता है।
भंवरलाल, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी अलवर।

Prem Pathak Reporting
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