न्यायालय ने सुनाई थी फांसी की सजा, दोषी के साथियों ने अगले दिन ही यहां की फायरिंग

न्यायालय ने सुनाई थी फांसी की सजा, दोषी के साथियों ने अगले दिन ही यहां की फायरिंग

Prem Pathak | Publish: Mar, 14 2018 11:37:48 AM (IST) Alwar, Rajasthan, India

अलवर के बहरोड़ कस्बे में पुराने बस स्टैण्ड के समीप दोषी के साथियों ने फायरिंग की।

अलवर के बहरोड़ कस्बे के एक कुख्यात अपराधी प्रसन्नदीप उर्फ पर्रा को फांसी की सजा सुनाने के अगले ही दिन मंगलवार को उसके साथियों ने कस्बे के पुराने बस स्टैण्ड स्थित प्रोपर्टी डीलर के आफिस पर फायरिंग कर दी। जिससे ऑफिस के अंदर बैठे लोग बाल-बाल बच गए।

जानकारी के अनुसार प्रोपर्टी व्यवसायी विकास यादव अपने साथी अमित उर्फ मोनू के साथ मंगलवार शाम को कस्बे के पुराने बस स्टैण्ड स्थित अपने कार्यालय पर बैठा हुआ था। शाम करीब साढ़े चार बजे एक बाइक पर तीन जने आए। उन्होंने पहले ऑफिस का दरवाजा खोलकर देखा। फिर गाली-गलौच करते हुए बाहर से दो फायर कर दिए और बाइक से फरार हो गए। प्रोपर्टी व्यवसायी विकास यादव ने बताया कि बाइक सवार तीन युवकों में से एक कस्बा निवासी आदतन अपराधी भैरू था और दो उसके साथी थे। फायरिंग की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। डीएसपी जनेश सिंह तंवर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अपराधियों की तलाश मे पुलिस दल भेजे। घटना की जानकारी लगने के बाद कस्बे के लोग एकत्र हो गए और घटना को गंभीर बताते हुए खौफ का माहौल बनने पर चिन्ता जताई। इस दौरान भाजपा नेता सुरेश यादव, भाविप के देवेन्द्र यादव सहित अन्य लोगो घटना की जानकारी ली। रात तक पुलिस जांच में जुटी रही और मामले मे रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।

फांसी के फैसले को बताया कारण

विकास यादव ने उन पर फायरिंग कारण सोमवार को प्रसन्नदीप उर्फ पर्रा को फांसी की सजा होना बताया है। क्योंकि पर्रा व हमला करने वाले बदमाश त्रिलोक पार्षद गुट के थे, जो उनसे रजिंश रखते थे। जिसके चलते इस घटना को अंजाम दिया गया है। भैरू पहले भी कुछ लोगों पर फायरिंग व जानलेवा हमले कर चुका है।

पार्षद हत्याकांड में आरोपित है मोनू

पुलिस के मुताबिक प्रसन्नदीप उर्फ पर्रा और रवि उर्फ भैरू दोनों पार्षद त्रिलोक यादव गुट के थे। जबकि अमित उर्फ मोनू पार्षद हत्याकांड का आरोपित है। इन दोनों गुटों के बीच पुरानी आपसी रंजिश चली आ रही है।

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