यहां कोहरे के बीच पोखर में गिरी गाड़ी, एक परिवार के चार जनों की मौत

यहां कोहरे के बीच पोखर में गिरी गाड़ी, एक परिवार के चार जनों की मौत

Rajeev Goyal | Updated: 03 Jan 2018, 12:29:43 PM (IST) Alwar, Rajasthan, India

घने कोहरे व विभाग की लापरवाही के कारण एक ही परिवार के चार जने बने काल का ग्रास

हादसा ऐसा की जिसने भी सुना वह सन्न रह गया। इधर जैसे ही एक के बाद एक एम्बूलेंस शवों को लेकर घर की देहलीज पर पहुंची,मृतक के माता व पिता के मुहं से अचानक निकली दर्दनाक चित्कार से उपस्थित लोगों का कलेजा भी मुहं को आ गया। यकायक ही कलेजा भर आया और हर एक व्यक्ति की आंख से आंसू बह निकला। वहां मौजूद कुछ लोगों ने इस हादसे के लिए उपर वाला यानि भगवान को दोषी ठहराया तो कुछ लोगों ने सरकार को कोसते हुए जिम्मेदार विभाग को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया।

यह सड़क हादसा मध्यप्रदेश स्थित जैन तीर्थस्थल सोनगिरी के दर्शन कर लौट रहे अलवर के शिकारी पाडा निवासी जैन परिवार के साथ हुआ था। इस दुर्घटना में परिवार के चार जनों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं तीन अन्य को मामूली चोटें आई। मृतकों में एक दंपती और उनकी छह वर्षीय बेटी शामिल है। इस सड़क हादसे के लिए मृतक के परिजनों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को जिम्मेदार मानते हुए विभाग के खिलाफ मामला दर्ज कराने का निर्णय किया है।

डीग-मथुरा मार्ग पर गांव बहज के पास की घटना

मध्यप्रदेश के दतिया स्थित जैन तीर्थस्थल सोनगिरी के दर्शन कर लौट रहे अलवर के एक व्यापारी परिवार की गाड़ी सोमवार रात कोहरे के चलते डीग-गोवर्धन मार्ग स्थित गांव बहज की पोखर में जा गिरी। घटना में गाड़ी में सवार चार जनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं तीन अन्य को मामूली चोटें आई। मृतकों में एक दंपती और उनकी छह वर्षीय बेटी शामिल है। गाड़ी के पोखर में गिरने पर चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर पास में रहने वाले ग्रामीण मौके पर पहुंचे और चौकी पुलिस को सूचना दी। बाद में पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से पोखर में गिरी गाड़ी में फंसे घायलों को बाहर निकला और शवों को कब्जे में लेकर डीग अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया। उधर, घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने डीग-मथुरा मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस की समझाइश पर बाद में जाम खोला गया।

पुलिस ने बताया कि अलवर के शिकारीपाड़ा निवासी पवन जैन अपनी पत्नी, बच्चों व जीजा रामगढ़ निवासी संजय मित्तल व उसके परिवारीजनों के साथ किराए की गाड़ी लेकर नववर्ष पर जैन तीर्थस्थल सोनगिरी के दर्शन करने गए थे। वे 31 दिसम्बर को सुबह 5.30 बजे घर से निकले और शाम करीब 7 बजे सोनगिरी पहुंचे। यहां एक जनवरी को दर्शन आदि करने के बाद वे ग्वालियर घूमने निकल गए। यहां से वे मथुरा पहुंचे, जहां रात हो गई। मथुरा से अलवर जाते समय रात करीब 11.55 बजे बहज के पास कोहरे के चलते उनकी कार पोखर में जा गिरी। घटना में शिकारीपाड़ा निवासी पवन जैन (37) पुत्र गिर्राज प्रसाद जैन, उसकी पत्नी मनीषा जैन (33), बेटी परी (6) सहित पवन की बहन रामगढ़ निवासी इन्दिरा पत्नी संजय मित्तल की मौके पर मौत हो गई। जबकि रामगढ़ निवासी संजय मित्तल (46), उसके पिता पदम मित्तल (72) गंभीर घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए डीग के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इनमें से पदम की हालत गंभीर होने पर उसे अलवर व वहां से जयपुर रैफर किया गया। वहीं, संकेत व चिंटू उर्फ नितिन पुत्र संजय सहित गाड़ी चालक बबलू सैनी को मामूली चोटें आई। सूचना पर सीओ अनिल कुमार मीणा व एसआई केसर सिंह मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उधर, पुलिस ने मृतकों का मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया। गौरतलब है कि पवन का अलवर में सेनेट्री का व्यवसाय था। वहीं, उसके जीजा संजय की रामगढ़ मुख्य बाजार में दुकान है।


घटना से मचा कोहराम

एक साथ चार लोगों की दर्दनाक मौत की सूचना से अलवर सहित रामगढ़ में कोहराम मच गया। जिसने भी सुना वह हतप्रद रह गया। घटना की सूचना पर जैन परिवार के लोग डीग पहुंचे। बाद में चारों मृतकों के शव अलवर लाए गए। यहां पवन, उसकी पत्नी व बेटी का एक साथ अन्तिम संस्कार किया गया। उन्हें बेटे पीयूष ने मुखाग्नि दी। वहीं, इंदिरा का अन्तिम संस्कार रामगढ़ में किया गया।

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