खुशखबर: सरिस्का में बाघिन एसटी-12 ने तीन शावकों को जन्म दिया

खुशखबर: सरिस्का में बाघिन एसटी-12 ने तीन शावकों को जन्म दिया

Prem Pathak | Publish: Sep, 03 2018 12:08:34 AM (IST) Alwar, Rajasthan, India

अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना के लिए खुशखबर। सरिस्का की तालवृक्ष रेंज में रविवार शाम को सवा छह बजे फोटो में बाघिन एसटी-12 के तीन शावक दिखे। सरिस्का प्रशासन ने तीन शावकों की पुष्टि की है। सरिस्का में बाघ एसटी-११ का शिकार एवं बाघिन एसटी-5 के गायब होने के बाद तीन शावक होने की खुशखबर से सरिस्का प्रशासन एवं वन्यजीव प्रेमी उत्साहित हैं। इससे पहले गत 28 अप्रेल को सरिस्का रेंज में बाघिन एसटी-14 ने दो शावकों को जन्म दिया था।

सरिस्का के डीएफओ हेमंत सिंह ने बताया कि सरिस्का की तालवृक्ष रेंज में बाघिन एसटी-12 के तीन शावक कैमरे में ट्रैप हुए हैं। बाघिन की गत 7 जुलाई को साइटिंग हुई थी, उस दौरान बाघिन के स्तन का आकार देखकर आभास हो गया था कि जल्द ही सरिस्का में खुशखबरी आने वाली है। बाघिन के शावकों को जन्म देने की संभावना के चलते उसकी टैरिटरी में कैमरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 25 कर दी गई। वहीं टीम को बाघिन की सघन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। तभी से बाघिन पर नजर रखी जा रही थी। रविवार शाम को बाघिन एसटी-12 की टैरिटरी में लगे कैमरों के कार्ड की जांच की गई तो तीन शावकों के फोटो कैमरे में नजर आए। इसके बाद बाघिन एसटी-12 के तीन शावक होने की पुष्टि की गई।

पहली बार सरिस्का में एक साथ तीन शावकों का जन्म

सरिस्का में एक साथ तीन शावकों का जन्म पहली बार हुआ है। इससे पूर्व सरिस्का की बाघिन दो शावकों को जन्म दे चुकी हैं। सरिस्का डीएएफओ सिंह का कहना है कि वर्ष 2004 के बार सरिस्का में मॉनिटरिंग शुरू हुई है तथा कैमरे भी बाद में लगाए गए हैं। इस कारण इससे पहले सरिस्का में एक साथ तीन शावकों के जन्म का कोई रिकॉर्ड नहीं है।

पांच से सात महीने से बड़े हो सकते हैं शावक

वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि बाघिन एसटी-12 के शावकों की उम्र ५ से 7 महीने से ज्यादा हो सकती है। फोटो में शावकों की उम्र बाघिन एसटी-१४ के शावकों की उम्र से ज्यादा दिखाई पड़ती है।

यह भी अजब संयोग

सरिस्का में पहली बार एक साथ तीन शावकों के जन्म की सूचना देने वाले डीएफओ हेमंत सिंह इस खुशखबर से बेहद उत्साहित दिखे। उनका कहना था कि यह उनके लिए अजब संयोग है कि 2 सितम्बर 2013 को उन्होंने डीएफओ पद पर ज्वाइन किया और ठीक पांच साल बाद रविवार को २ सितम्बर को ही सरिस्का में बाघिन एसटी-12 के तीन शावकों के जन्म देने की खबर पुष्ट हुई। वहीं सरिस्का के सीसीएफ डॉ. गोविंद सागर भारद्वाज ने सरिस्का में चार महीने के अंतराल में दूसरी बार बाघिन के शावक को जन्म देने को जीवन का खुशी का पल बताया है।

गलत साबित हुई स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की धारणा

सरिस्का में बाघ एसटी-11 की मौत के बाद स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में सरिस्का को बाघों के लिए सुरक्षित नहीं बताया था। वहीं रणथंभौर से नए बाघ भेजने पर रोक की मंशा जताई थी। इसके अलावा बाघों की वंश वृद्धि के लिए भी सरिस्का को उपयुक्त नहीं माना था। बोर्ड की रिपोर्ट के बार सरिस्का में दो बार अलग-अलग बाघिनें पांच शावकों को जन्म दे चुकी हैं, जबकि रणथंभौर में दो शावकों की जहर देकर मारने की पुष्टि पिछले दिनों लैब की जांच रिपोर्ट में हुई थी।

वन्यजीव प्रेमियों ने जताई खुशी

सरिस्का में बाघिन एसटी-12 के तीन शावकों को जन्म की जानकारी मिलते ही वन्यजीव प्रेमियों, सरिस्का के अधिकारियों व कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी आपस में मोबाइल पर एक-दूसरे को बधाइयां दी। शावकों के जन्म पर वन्यजीव प्रेमी लोकेश खंडेलवाल, दिनेश दुर्रानी, नरेन्द्र सिंह राठौड़, निरंजन सहित अन्य वन्यजीव प्रेमियों ने खुशी जताई।

यह है फैक्ट फाइल

सरिस्का में टाइगर- 12
सरिस्का में शावक- 05

बाघिन गायब- 01
एक दशक में टाइगर की मौत- 02

बाघिन एसटी-12 के शावक- 03
बाघिन एसटी-14 के शावक- 02

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