रोजगार पर लगे ग्रहण से उबरने में हांफने लगे सरकारी व निजी संस्थान

बेरोजगारी की लम्बी कतार ने धूमिल किए सरकारी प्रयास

By: Pradeep

Published: 06 Oct 2021, 02:00 AM IST

प्रदीप यादव
अलवर. वैश्विक महामारी कोरोना, आर्थिक और औद्योगिक मंदी के चलते रोजगार पर लगे ग्रहण से उबरने में सरकारी संसाधन भी हांफने लगे हैं। कोरोनाकाल में रोजगार विहिन हुए हजारों लोगों की रोजगार की आस भी अभी अधूरी है। युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए रोजगार विभाग ने फिर से रोजगार शिविर शुरू कर एवं बेरोजगारी भत्ते की मुहिम तेज कर बेरोजगारी के दर्द पर मरहम लगाने का प्रयास किया, लेकिन बेरोजगारों की लंबी कतार में ये प्रयास भी धुंधलका ही साबित हुए हैं।
अलवर ही नहीं प्रदेश व देश में कोरोनाकाल में बेरोजगारी दर में तेजी से वृद्धि हुई है। कोरोना का संक्रमण कम होने पर लोग रोजगार की तलाश में जुटे हैं, लेकिन एकाएक आई आर्थिक व औद्योगिक मंदी से अलवर जिला अभी पूरी तरह उबर नहीं पाया है। नतीजतन बेरोजगारों की संख्या में अभी अपेक्षित कमी नहीं आ सकी है।
निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दरकार
आर्थिक मंदी के चलते सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हुए हैं। कोरोना के चलते सरकारों के हाथ भी भिंचे हैं। ऐसे में रोजगार मुहैया कराने में निजी क्षेत्र से बड़ी आस है। सरकार की ओर से उद्योगों को गति देकर निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। वहीं रोजगार विभाग भी युवाओं को अधिकाधिक नौकरी दिलाने के लिए रोजगार शिविरों पर जोर दे रहा है। लेकिन निजी क्षेत्र के रोजगार में तकनीक युवाओं के लिए बड़ी बाधा बनी है। यही कारण है कि रोजगार शिविरों में रोजगार विभाग की ओर से बुलाई गई निजी क्षेत्र की कम्पनियों को तकनीक व प्रशिक्षण युवा नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे बेरोजगारों की कतार कम नहीं हो रही है। रोजगार विभाग गत 7 सालों में 134 रोजगार शिविर आयोजित कर निजी क्षेत्र में 58533 युवाओं को नियोजित करा सका है।
बेरोजगारी भत्ता भी दर्द पर पूरी तरह नहीं लगा सका मरहम
राज्य सरकार ने रोजगार की समस्या से निपटने के लिए बेरोजगारी भत्ता राशि में वृद्धि की, लेकिन सरकार की यह मुहिम भी युवाओं के दर्द को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकी। इसका कारण है कि बेरोजगारों की लंबी फौज है और बेरोजगारी भत्ता लेने वालों की संख्या उससे काफी कम है।

यूं बढ़ी बेरोजगारों की संख्या
वर्ष पंजीयन
2017-67203 (दिसंबर तक)
2018-77177 (दिसंबर तक)
2019-121265 (दिसंबर तक)
2020-103820 (दिसंबर तक)
2021-114074 (सितंबर तक)

रोजगार भत्ता
वर्ष आवेदक स्वीकृत भत्ता
2013-14 426 1888050
2014-15 1271 19768465
2015-16 1353 10993683
2016-17 1281 14103334
2017-18 5516 21119613
2018-19 2055 54002956
2019-20 13226 291858576
2020-21 6069 421280192
2021-31-7-21 0 276587166
कुल 31197 1111602035

रोजगार शिविर भी मरहम ही लगा सके
वर्ष रोजगार शिविर नियोजन
2014- 15 2 3012
2015-16 5 12213
2016-17 13 11542
2017-18 28 22136
2018-19 14 3201
2019-20 20 2819
2020-21 52 3610
कुल 134 58533

Pradeep Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned