अलवर शहर में एम्स और मेडिकल कॉलेज लाने की तैयारी, लेकिन अभी तक कचरा निस्तारण का इंतजाम तक नहीं

अलवर शहर में एम्स और मेडिकल कॉलेज लाने की तैयारी, लेकिन अभी तक कचरा निस्तारण का इंतजाम तक नहीं
अलवर शहर में एम्स और मेडिकल कॉलेज लाने की तैयारी, लेकिन अभी तक कचरा निस्तारण का इंतजाम तक नहीं

Lubhavan Joshi | Updated: 09 Oct 2019, 04:55:22 PM (IST) Alwar, Alwar, Rajasthan, India

Hospital In Alwar : अलवर में एम्स और मेडिकल कॉलेज लाने की तैयारी है, लेकिन अभी तक कचरा निस्तारण का इंतजाम नहीं है।

अलवर. कई बीघा जमीन पर फैले हजारों टन जलते कचरे की जो तस्वीर आप देख रहे हैं यह 850 करोड़ रुपए की लागत से एमआईए में बने इएसआईसी मेडिकल कॉलेज से महज 6 किलोमीटर दूर की है। इस इएसआईसी मेडिकल कॉलेज को एम्स में बदलने की तैयारी है। इसके अलावा अलवर शहर में अलग से मेडिकल कॉलेज भवन बनाने के लिए 350 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हो गया। लेकिन, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अलवर में दो दशक से कचरा निस्तारण प्लांट नहीं है। अलवर शहर से प्रतिदिन निकलने वाला 130 टन से अधिक कचरा जलाकर समाप्त किया जाता है। कचरे को जलाने से आसपास प्रदूषण का स्तर अन्य जगहों से कई गुना अधिक हो जाता है। कई किलोमीटर तक हवा में धुआं व बदबू रहती है।

20 सालों से बजट आता-जाता

जिले के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में एम्स लाने और नया मेडिकल कॉलेज बनाने की तैयारी तो शुरू हो गई लेकिन, दो दशक से यहां बायोवेस्ट व कचरा निस्तारण के प्लांट नहीं लगा सके। स्वच्छ भारत अभियान में करीब आठ करोड़ रुपए का बजट कचरा निस्तारण प्लांट का मंजूर हुआ। फिर भी प्लांट नहीं लगा। अग्यारा में प्लांट लगाने की कुछ तैयारी थी, लेकिन वह भी ठंडे बस्ते में चली गई। इससे पहले केन्द्र व राज्य सरकारों से अलग-अलग बजट भी मंजूर हुआ, लेकिन वह लैप्स हो गया।

अलग नहीं करते बायो वेस्ट

नगर परिषद क्षेत्र अलवर में 80 से अधिक छोटे बड़े निजी अस्पताल व डिस्पेंसरी हैं। जिनका बायोवेस्ट अलग नहीं किया जाता। सादा कचरे में ही बायोवेस्ट फेंक दिया जाता है। जिससे बड़े संक्रमण का डर रहता है। इन अस्पतालों का बायोवेस्ट भी दूसरे कचरे में शामिल होकर जाता है। जो गोलेटा में जाकर आग के हवाले हो जाता है। अलवर शहर में भी कचरा जलता है। आए दिन कचरा पात्रों के अन्दर धुआं मिलता है।

टेण्डर हो गया

रोल्ज फर्म का टेण्डर हो गया है। जल्दी कार्यादेश हो जाएगा। इसके बाद निस्तारण प्लांट लगाएंगे। बाद में शहर का पूरा कचरा निस्तारण होने लगेगा। यह सही है कि अभी बिल्कुल भी कचरे का निस्तारण नहीं हो रहा है।
फतेह सिंह मीणा, आयुक्त, नगर परिषद अलवर

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