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बाढ़ आई तो बचना मुश्किल… सिंचाई विभाग के पास नहीं कोई पुख्ता इंतजाम

मानसून का प्रवेश इसी महीने होने की उम्मीद है, लेकिन सिंचाई विभाग फिलहाल कंटीजेंसी प्लान ही तैयार कर पाया है। सिंचाई विभाग के पास 17 बांध की जिम्मेदारी है। इन बांधों में कैसे पानी आएगा ?

अलवरJun 12, 2024 / 02:14 pm

Kamlesh Sharma

फाइल फोटो

अलवर। जिले में मानसून का प्रवेश इसी महीने होने की उम्मीद है, लेकिन सिंचाई विभाग फिलहाल कंटीजेंसी प्लान ही तैयार कर पाया है। सिंचाई विभाग के पास 17 बांध की जिम्मेदारी है। इन बांधों में कैसे पानी आएगा ? पानी आने के रास्तों में क्या बाधाएं हैं और इन्हें कैसे दूर किया जाए, इसका विभाग के पास कोई पुख्ता प्लान नहीं है। इसका नतीजा यही दिख रहा है कि इस बार भी बांधों में पानी आने की उम्मीद कम है।
खास बात यह है कि इस बार प्रदेश में 25 जून के बाद मानसून के प्रवेश की उम्मीद है और विभाग 20 जून को टेंडर करेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सालभर विभागीय अधिकारी कर क्या रहे थे ? अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से साफ है कि बारिश से पहले बांधों की मरम्मत का कार्य अधूरा रहेगा। ऐसे में बाढ़ आई तो बांध के आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।

न लाइफ जैकेट, न गेती, फावड़े और तगारी

सिंचाई विभाग के बाढ़ से निपटने की तैयारी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उसके पास न लाइफ जैकेट, न गेती, फावडे़ और तगारी। प्लान में साफ किया गया है कि जो सामग्री है उनके भरोसे ही काम करना होगा। अलवर के दो स्थानों के साथ ही रामगढ़, बानसूर, लक्ष्मणगढ़, कठूमर, मालाखेड़ा, राजगढ़, बहादुरपुर, गोविन्दगढ़, जयसमंद, मंगलसर और सिलीसेढ़ में लगाए हैं।

15 जून को शुरू होगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष

विभाग के कंटीजेंसी प्लान में नगरीय निकाय, आपदा प्रबंधन और आवश्यकता पड़ने पर सेना, एनजीओ आदि को शामिल किया गया है। विभाग 15 जून से बाढ़ नियंत्रण कक्ष की शुरुआत करेगा। यहां विभागीय कर्मचारी 24 घंटे तैनात रहेंगे। उपखंड स्तर पर भी एक अतिरिक्त बाढ़ नियंत्रण चौकी बनाई जाएगी। जहां से समय- समय-समय पर सूचना भेजी जाएगी।
मानूसन के जिले में 30 जून तक आएगा और कंटीजेंसी प्लान के तहत 20 जून को टेंडर निकाले जाएंगे। इसके बाद सभी बांधों में मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा। हालांकि विभाग की ओर से सालभर मरम्मत का काम करवाया जाता है।
संजय खत्री, एक्सईन, सिंचाई विभाग

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