मुनाफे के फेर में नियम हो गए फेल

मुनाफे के फेर में नियम हो गए फेल

Hiren Joshi | Updated: 16 Jun 2019, 12:28:54 PM (IST) Alwar, Alwar, Rajasthan, India

प्रदेश में बजरी के बढ़ते अवैध खनन पर रोक के लिए राज्य सरकार ने पिछले दिनों खातेदारी की भूमि में बजरी खनन के लिए खातेदारों को पट्टा आवंटन कराने की छूट दी थी, लेकिन जिले में अब तक एक भी खातेदार ने अपनी भूमि में बजरी खनन के लिए पट्टा नहीं लिया।

अलवर. अवैध खनन से मोटे मुनाफे के फेर में सरकार के नियम भी ज्यादा नहीं कारगर नहीं हो पा रहे हैं।
निर्माण कार्यों में बजरी की बढ़ती मांग और सरकार की बजरी खनन पर रोक के चलते जिले में मालाखेड़ा क्षेत्र सहित नदी के पेटे भूमि पर कई लोग अवैध तरीके से बजरी का खनन कर रहे हैं। इनमें से कई लोग ऐसे भी जो स्वयं की खातेदारी भूमि से बजरी खनन करते हैं। सरकार ने खातेदारी की भूमि से बजरी के अवैध खनन पर रोक के लिए पिछले दिनों नियम बनाए कि कोई भी खातेदार यदि अपनी भूमि से बजरी खनन करना चाहे तो वह नियमानुसार उस क्षेत्र का पट्टा आवंटित करा सकता है। इससे खातेदार अपनी भूमि से वैध तरीक से बजरी खनन कर सकेगा और बढ़ते अवैध खनन पर भी रोक लग पाना आसान होगा।
जिले में एक भी आवेदन नहीं
अलवर जिले में अनेक स्थानों से बजरी का अवैध खनन जारी है, इसका कारण है कि अलवर जिले में बजरी की एक भी स्वीकृत लीज नहीं है। वहीं किसी भी खातेदार ने अपनी भूमि पर बजरी खनन के लिए आवेदन भी नहीं किया है। इससे जिले में बजरी के अवैध कारोबार थम नहीं पा रहा है।
अवैध खनन माफियाओं के लिए मोटे मुनाफे का सौदा है, इस कारण बड़े माफिया नियमों की फेर में पडऩे के बजाय अवैध तरीके से खनन करने को ज्यादा आसान मानते हैं। बड़े माफियाओं के साथ ही छोटे स्तर पर अवैध खनन में जुटे लोग भी नियमों के फेर में नहीं अटकना चाहते। यही कारण है कि सरकार की ओर से खातेदारी की भूमि
में बजरी खनन को मान्य करने के बाद भी कोई भी खातेदार बजरी खनन का पट्टा लेने आगे
नहीं आया।

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