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जयपुर में ट्रैफिक पुलिस के एएसआई सुरेन्द्र सिंह की पत्नी सविता का छलका दर्द, कहा- मुख्यमंत्री को आना चाहिए था

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले में गलत साइड से आई टैक्सी कार की टक्कर में हुई थी मौत

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अलवर

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mohit bawaliya

Dec 13, 2024

टैक्सी चालक ने भी महात्मा गांधी अस्पताल में दम तोड़ा
नीमराणा. जयपुर. जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले में गलत दिशा से आकर टैक्सी कार चालक की टक्कर में जान गंवा चुके ट्रैफिक पुलिस के एएसआई सुरेन्द्र सिंह के शव को गुरुवार सुबह चांदपोल स्थित पुलिस लाइन में रखवाया गया। उनके पार्थिव देह पर डीजीपी यूआर शाहू और पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी।
पुलिस लाइन से सरकारी वाहन में सम्मान के साथ उनकी पार्थिव देह को पैतृक गांव नीमराना के काठ का माजरा गांव के लिए रवाना किया। सुरेन्द्र सिंह का शव गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचे पार्थिव देह को सलामी और पूरे राजकीय सम्मान से पंचतत्व में विलीन किया गया। उधर टक्कर मारने वाले टैक्सी चालक नादौती करौली निवासी पवन कुमार कालूराम की भी महात्मा गांधी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
पत्नी का छलका दर्द : सुरेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि देने के बाद पत्नी सविता सिंह का दर्द छलक आया। पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को बचाते हुए मेरे पति शहीद हो गए, सीएम हमारे पास आए क्या। उनको आना चाहिए था कि मेरी वजह से हुआ है। अगर वो बीच में खड़े नहीं होते, उनको नहीं बचाते, साइड में हो जाते तो क्या करते। हमें लिखित में चाहिए, हम किस पर विश्वास करें। हमारी मांगें पूरी होनी चाहिए। मेरे पति तो चले गए, अब मैं बच्चों को लेकर कहां जाऊं।
महिला पुलिस अधिकारी ने खींचा तो एएसआई की पत्नी हुई नाराज : पत्रकारों से बात करने के दौरान महिला पुलिस अधिकारी ने सुरेंद्र सिंह की पत्नी को रोकने की कोशिश की। सविता सिंह ने नाराज होते हुए अधिकारी से कहा- आप रुकिए। आपको पता नहीं है, मेरे साथ क्या हो रहा है। मुझे बोलने दीजिए, आप खींच रहे हो मुझे। मुख्यमंत्री को यहां होना चाहिए। हमें मुख्यमंत्री से बात करनी है।
6 महीने पहले ट्रैफिक में हुआ था ट्रांसफर : 32 साल की पुलिस सर्विस में सुरेंद्र सिंह ज्यादातर जयपुर में ही तैनात रहे। सुरेंद्र सिंह 6 महीने पहले ही ट्रांसफर होकर ट्रैफिक में आए थे। साल 2018 में प्रमोशन के बाद एएसआई बने थे। जयपुर के करणी विहार इलाके में सुरेंद्र सिंह पत्नी और बेटा-बेटी के साथ रहते थे। साल 1992 बैच के सुरेंद्र सिंह के पिता रोहिताश इंडियन आर्मी में कैप्टन थे।
बेजुबान डॉग्स को खिलाते थे खाना : सुरेन्द्र सिंह डॉग्स को कई साल से लगातार खाना खिलाते थे। रात 2.30 बजे बेजुबान डॉग्स को खाना खिलाकर घर में घुसते थे। उनकी कार में ब्रेड, रोटी, दूध सहित अन्य सामान रखा रहता था। साथी पुलिसकर्मी अशोक ने बताया कि सुरेन्द्र हंसमुख स्वभाव के थे। बड़े के साथ बड़े, छोटे के साथ छोटे हो जाते थे। उनके साथ काम कर चुके पुलिसकर्मी अमित शर्मा ने बताया कि बड़ों का सम्मान करने में सबसे आगे रहते थे। माता-पिता की सेवा में उन्होंने कोई कमी नहीं छोड़ी। बच्चों को अच्छी शिक्षा दी।
टैक्सी चालक ने उपचार के दौरान दम तोड़ा : मुख्यमंत्री भजनलाल के काफिले में गलत दिशा से घुसने वाले टैक्सी चालक नादौती करौली निवासी पवन कुमार कालू राम की महात्मा गांधी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पवन एक टूर ऑपरेटर के लिए चालक के रूप में काम करता था।

एएसआई सुरेंद्र सिंह की गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान से हुई अंत्येष्टि

एएसआई सुरेंद्र सिंह ओला की गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ नीमराणा स्थित उनके पैतृक गांव माजरा काठ में अंत्येष्टि हुई। गमगीन माहौल में ग्रामीणों ने उन्हें विदाई दी। सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया। जयपुर से पुलिस वाहन में ट्रैफिक एसपी सागर राणा व अन्य अधिकारियों और जवानों के साथ एएसआई की पार्थिव देह गांव से बाहर हाइवे पर हीरो चौक पहुंची। जहां हाथों में तिरंगे झंडे लगे सैकड़ों ग्रामीणों व युवाओं ने एएसआई सुरेंद्र ङ्क्षसह अमर रहे के नारे लगा प्रशासन व पुलिस अधिकारियों की अगुवाई में खुले पुलिस वाहन में जवान की पार्थिव देह को एक यात्रा के रूप में घर पर ले जाया गया। जहां अंतिम यात्रा की रस्में पूरी की गई। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व लोगों ने पुष्पचक्र व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उनके पुत्र आकाश ने मुखाग्नि दी। दिवंगत एएसआई के पिता पूर्व सैन्य अधिकारी रोहिताश्व ओला भी मौजूद रहे। एएसआई को शहीद का दर्जा देने व परिवार की मांगों को लेकर सीएम प्रतिनिधि के रूप में आए विधायक राजेंद्र भांभू ने सीएम की ओर शोक संवेदनाओं की बात तो दोहराई लेकिन कोई घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि सीएम बड़े संवेदशील है वो जरूर शोक संतप्त सुरेंद्र के परिवार की सुख सुविधाओं लिए जो भी संभव होगा करेंगे। उन्होंने परिजनों की मांग के सवाल पर कहा परिवार की मांगे तो आई हैं, लेकिन सरकार की कुछ गाइडलाइंस बनी हुई है, उनके अनुरूप जो भी कुछ हो सकता है किया जाएगा। इस दौरान सीएम प्रतिनिधि विधायक राजेन्द्र भांभू, जयपुर ट्रैफिक एसपी सागर राणा, एएसपी राजवीर, एसडीएम महेंद्र ङ्क्षसह, तहसीलदार अभिषेक, एएसपी शालिनी राज, डीएसपी सचिन शर्मा, थानाधिकारी महेंद्र यादव, पूर्व विधायक मंजीत धर्मपाल चौधरी, मुंडावर विधायक ललित यादव, जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, बलवानङ्क्षसह, अशोक खण्डेलवाल, देवेंद्र, राकेश आदि लोग मौजूद रहे।