शाहजहांपुर किसान आन्दोलन में पहुंचे जम्मू-कश्मीर के किसान, गर्मजोशी से किया स्वागत

शाहजहांपुर किसान आन्दोलन में जम्मू-कश्मीर के किसानों का जत्था बॉर्डर पर किसान सभा का हिस्सा बनने पर उपस्थित किसानों में जोश भर गया।

By: Lubhavan

Published: 10 Jan 2021, 11:16 AM IST

शाजहांपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता मेघा पाटेकर पहुंची। यहां जम्मू कश्मीर से किसान भी पहुंचे हैं जिनका गर्म जोशी से स्वागत किया गया। इस आंदोलन के चलते बार्डर के पेट्रोल पम्प संचालक किसान आंदोलन के नेताओं से मिले और अपनी समस्या बताई।

इस आंदोलन से दिल्ली से जयपुर व जयपुर से दिल्ली के वाहनों का आवागमन रूक जाने से हाइवे पर पैट्रोल पंप संचालकों को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। शनिवार को पैट्रोल पंप संचालकों में हरदयाल यादव, शक्ति ङ्क्षसह,बाबू यादव, सुमित छाबड़ा ने इसका विरोध किया। पैट्रोल पम्प संचालकों ने मामले को लेकर किसान नेता रामपाल जाट से मिले। पम्प चालकों ने किसान आंदोलन के चलते हाइवे जाम हो जाने से पैट्रोल बिक्री पर पड़ते असर के साथ वाहनों के डायवर्ट कर दिये जाने से गांवों के संकरे रास्तों से भारी वाहन गुजरने से मकानों के क्षतिग्रस्त होने, दुर्घटनाएं बढऩे की आशंकाओं सहित आस पास के गांवों के खेतों मे खड़ी फसलों के होते नुकसान को लेकर रोष जताते हुए किसानों के महा पड़ाव को हाइवे से हटकर खाली स्थान पर कराने की आवश्यकता बताई। जिस पर रामपाल जाट ने स्थानीय पैट्रोल पंप संचालकों के आक्रोश को जायज करार देते हुए हरियाणा सरकार को दोषी बताया। रविवार को 11 बजे किसान संगठन पदाधिकारियों व हरियाणा पैट्रोल पंप संचालकों के बीच वार्ता होगी।

किसानों के बीच पहुंची मेधा पाटकर

कृषि बिलों को लेकर किसान महापड़ाव 28वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को महापड़ाव स्थल पर नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर भी किसानों के बीच पहुंची। उन्होंने किसानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसान भारत में लोकतंत्र मजबूत करने की लड़ाई लड़ रहे हैं और इससे दबे-कुचले लोगों को अपनी आवाज उठाने का बल मिलेगा। पड़ाव स्थल पर मेधा पाटकर के पहुंचने पर किसानों का हौसला बढ़ा। वहीं केएमपी पर ट्रैक्टर मार्च की सफलता के बाद किसानों का जोश और उत्साह भी देखने लायक था। किसानों का क्रमिक अनशन शनिवार को भी जारी रहा।

स्थानीय किसान जुड़े-योगेन्द्र यादव
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गेन्द्र यादव ने किसान आंदोलन का स्थानीय किसानों को भागीदार बनने की अपील करते हुए सभा के माध्यम से संदेश दिया। किसानों के साथ होने वाली वार्ताओं को नोटंकी वार्ता करार दिया। उन्होंने कहा कि इस समय देश का किसान जाग गया है जो अपने हितों को जान रहा है। केन्द्र सरकार उद्योगपतियों के स्वार्थवश इस कानून को लाई है। शनिवार को जम्मू-कश्मीर के किसानों का जत्था बॉर्डर पर किसान सभा का हिस्सा बनने पर उपस्थित किसानों में जोश भर गया।

अधिक ठंड मे बुजुर्ग किसान अलाव का सहारा ले रहे थे। आंदोलन में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। किसान सभा को जाट नेता राजाराम मील,पूर्व विधायक अमराराम जाट,पूर्व विधायक पवन दुग्गल,पेमाराम, कालू थौरी,कांग्रेस पार्टी प्रदेश सचिव ललित यादव,बलबीर छिल्लर,आनन्द यादव सहित ने संबोधित किया

Lubhavan Desk
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