Video : कभी नहीं भूले हीरानाथ आश्रम आना, अस्वस्थ होने पर भी चले आते थे आश्रम

aniket soni

Publish: Sep, 17 2017 02:13:00 (IST) | Updated: Sep, 17 2017 02:37:02 (IST)

Alwar, Rajasthan, India
Video : कभी नहीं भूले हीरानाथ आश्रम आना, अस्वस्थ होने पर भी चले आते थे आश्रम

सांसद महंत चांदनाथ योगी का अंतिम संस्कार में आज मस्तनाथ मठ में शाम 4 बजे किया जाएगा। इसको लेकर तैयारी जोरों पर चल रही हैं। 

अलवर.
सांसद महंत चांदनाथ योगी का निधन हो गया है। वे लंबे समय से गले की बीमारी से पीडि़त थे। वे पिछले करीब 14 दिनों से दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती थे। पहले आईसीयू में भर्ती रहे। कुछ दिन पहले ही उन्हें तबीयत में सुधार होने पर जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया था। कल रात को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ी और फिर आईसीयू में इलाज किया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो पाया और रात करीब 12.30 उनका निधन हो गया।

 

सांसद के निधन का समाचार आज तड़के मिलने पर उनके समर्थक, पार्टी नेता सहित अन्य लोग रोहतक के लिए रवाना हो गए हैं। उनका अंतिम संस्कार आज रोहतक स्थित मस्तनाथ मठ में शाम 4 बजे किया जाएगा। इसको लेकर तैयारी जोरों पर चल रही हैं। अंतिम संस्कार में हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर सहित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी, राजस्थान की मुख्यमंत्री सहित बहरोड़, नीमराणा व अलवर से जिला से भी हजारों समर्थक शामिल होंगे।

 

वे अलवर से सांसद रहने के साथ ही एक बार बहरोड़ से विधायक भी रह चुके हैं। वे एक बार अलवर से लोकसभा का चुनाव कांग्रेस के डॉ. करण सिंह यादव से हार चुके है। चांदनाथ एक बार हरियाणा के नारनौल से भी चुनाव हार चुके हैं। महंत चांदनाथ साल 2004 में भाजपा से अलवर लोकसभा का चुनाव लड़े और करीब 8 हजार वोटों से हारे। वे साल 2005 में बहरोड़ उप चुनाव में निर्दलीय लड़े और डॉ. जसवंत यादव से चुनाव जीते।

 

उन्होंने साल 2014 में अलवर लोकसभा का अंतिम चुनाव लड़ा। बीमारी के चलते वे लंबे समय से अपने निर्वाचन क्षेत्र में नहीं आ सके थे। बीमारी के चलते उनकी सांसद निधि का भी पूरा उपयोग नहीं हो सका। करीब 15 करोड़ से ज्यादा राशि का उपयोग अभी तक शेष पड़ी है।

 

पिछले दिनों भाजपा के जिला प्रभारी लक्ष्मीनारायण दबे ने अलवर आकर अलवर लोकसभा के 8 विधायकों से सांसद निधि से कराए जाने वाले कार्यों के प्रस्ताव लिए थे। ये प्रस्ताव मुख्यमंत्री के द्वारा सांसद को भेज विकास कार्यों की अनुशंसा कराई जानी थी। सांसद चांदनाथ के निधन के साथ ही भाजपा और कांग्रेस को चुनावी चिंता सताने लगी है।

 

नीमराणा स्थित बाबा मस्तनाथ आश्रम जोशिहोड़ा जहां लोक देवता के रूप में पूजे जाने वाले प्रसिद्ध बाबा खेतानाथ मंदिर पर मौजूद आश्रम के संत जीतनाथ बाबा ने बताते हैं कि उन्होंने सुना है कि महंत चांदनाथ योगी यूं तो 80 के दशक से आते रहे हैं, किंतु मुख्य रूप से उनका आगमन 28 दिसम्बर 1990 से ज्यादा आना हुआ। तब तपोनिष्ठ बाबा खेतानाथ का देवलोक गमन हुआ। इसके बाद महंत चांदनाथ लगभग बाबा खेतानाथ नाथ को हर पुण्यतिथि पर श्रद्धाजंलि देने आते रहे। फिर तो उन्होंने इस क्षेत्र को भी कर्म भूमि बनाते हुए अलवर से लोकसभा चुनाव लड़ा और फिर बहरोड़ से विधानसभा उप चुनाव में वे विधायक पद का चुनाव लड़ा।

 

इसके बाद वे अलवर से फिर लोकसभा चुनाव लड़ा जीते और यहां नीमराणा में बाबा खेतानाथ आश्रम मन्दिर आते रहे, लेकिन राजनीतिक गतिविधियां वे अलवर की हीरानाथ बगीची से चलाते रहे। इस दौरान वे नीमराणा में समीप के रोड़वाल गांव तो तीन-चार बार आए, लेकिन बाबा खेतानाथ मन्दिर नहीं आए। वे अस्वस्थ रहने लगे तो इनका अलवर नीमराणा बहरोड़ आना नहीं हुआ। बाबा चांदनाथ का मतदान केंद्र भी बाबा खेतानाथ मन्दिर के नजदीक गांव सिलारपुर में था, जबकि गांव दौलतसिंहपुरा पड़ता है वहां के वे वोटर हैं।

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