पत्रिका की खबर का असर, सार्वजनिक निर्माण विभाग का एईएन एपीओ

पत्रिका की खबर का असर, सार्वजनिक निर्माण विभाग का एईएन एपीओ

Rajeev Goyal | Updated: 21 Dec 2017, 11:27:00 AM (IST) Alwar, Rajasthan, India

अलवर में तीन माह का काम, दो दिन में पूर्ण दिखा भुगतान करने के मामले में अधिकारियों पर गाज गिरना शुरू हो चुकी है।

अलवर. तीन माह के कार्य को केवल दो दिन में पूरा दर्शा लाखों रुपए का भुगतान करने के मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर गाज गिरना शुरू हो गया है। विभाग के मुख्य अभियंता सीएल वर्मा ने मामले में सहायक अभियंता आरसी स्वर्णकार को एपीओ किया है। उन्हें एपीओ काल में मुख्य अभियंता कार्यालय जयपुर में उपस्थिति देने के आदेश दिए गए हैं। पत्रिका ने इस गड़बड़ी को एक्सपोज किया है।

गौरतलब है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने गोविन्दगढ़ में स्टेट हाईवे पर पेच मरम्मत का कागजों में ही करा डाला। उन्होंने तीन माह का कार्य केवल दो दिन में ही पूरा दर्शा उसकी फर्जी माप करा संवेदक को लाखों रुपए का भुगतान भी कर दिया। मामले का खुलासा एमबी (मेजरमेंट बुक) के अवलोकन पर हुआ। इसके बाद अधिशासी अभियंता खण्ड द्वितीय से मामले की जांच कराई गई, जिसमें उक्त कार्य मौके पर होना नहीं पाया गया। मामले को अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने गंभीरता से लेते हुए अधीक्षण अभियंता को मामले की जांच सौंपी।जिसमें गड़बड़ी प्रमाणित हो गई। इसके बाद विभाग के मुख्य अभियंता ने बुधवार को आदेश जारी कर सहायक अभियंता स्वर्णकार को एपीओ किया।

अन्य अधिकारियों पर भी गिर सकती है गाज


मामले में पीडब्ल्यूडी के कुछ अन्य अभियंताओं पर भी गाज गिर सकती है। दरअसल, विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने मिट्टी डलने के बाद माप कर 8 लाख 83 हजार 794 रुपये का प्रथम रनिंग बिल प्रस्तुत किया। जिस पर सहायक अभियंता ने हस्ताक्षर कर उसे भुगतान के लिए खण्ड कार्यालय भेजा। जहां अधिकारियों ने मिलीभगत कर एमबी में 6 लाख 2 हजार 212 तथा 1 लाख 11 हजार 221 रुपए की दो एंट्रिया जोड़ बिल को करीब 11 लाख का बना दिया। बाद में करीब 27 प्रतिशत टीपी काट संवेदक को 10 लाख 3 हजार 606 रुपए का भुगतान कर दिया। एेसे में एमबी में कांट-छांट करने वाले अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई का खतरा मंडरा गया है।

 

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