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देवस्थान विभाग के मंदिरों में देव प्रतिमाओ को पौष बडे़ का इंतजार, विभाग नहीं देता बजट

locationअलवरPublished: Jan 15, 2024 11:41:49 am

Submitted by:

Jyoti Sharma

शहर के मंदिरों में श्रद्धालु कर रहे हैं पौष बडे़ के आयोजन

अलवर. इन दिनों शहर के सभी छोटे बडे़ मंदिरों में विराजमान भगवान की प्रतिमाओं को पौष बडे़ का भोग लगाया जा रहा है। जिसमें भगवान को गर्मागर्म पौष बडे़ और हलवा का भोग लगाया जाता है। इसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाता है। लेकिन देवस्थान विभाग के मंदिरों में भगवान की प्रतिमाओं को पौष बडे़ का इंतजार बना हुआ है। इन मंदिरों में पौष बडे़ के आयोजन अभी तक नहीं हो पाए हैं।

देवस्थान विभाग के मंदिरों में देव प्रतिमाओ को पौष बडे़ का इंतजार, विभाग नहीं देता बजट
देवस्थान विभाग के मंदिरों में देव प्रतिमाओ को पौष बडे़ का इंतजार, विभाग नहीं देता बजट
गौरतलब है कि विभाग की ओर से जयपुर के मंदिरों में श्रेणी अनुसार पौष बडे़ के लिए सामग्री दी जाती हैं। अलवर में ना तो कोई बजट दिया जाता है और ना ही कोई सामग्री दी जाती है। ऐसे में भगवान को भक्तों के भरोसे ही पौष बडे़ का भोग लग रहा है।
अलवर में वर्तमान में देवस्थान विभाग के अधीन आत्म निर्भर श्रेणी के आठ मंदिर हैँ। जिनका संचालन विभाग की ओर से किया जाता है। इन मंदिरों को महिने के हिसाब से भोग खर्च के लिए राशि दी जाती है। यह राशि इतनी कम है कि इसमें मंदिरों में दीया बत्ती होना भी मुश्किल है। मंदिरों में साल भर होने वाले धार्मिक आयोजन भी नहीं हो पाते हैं। मार्गशीर्ष माह के बाद पौष मास प्रारंभ हो जाता है। 27 दिसंबर से प्रारंभ हुआ पौष मास का समापन 27 जनवरी को होगा।
विभाग के इंस्पेक्टर सुमित कुमार ने बताया कि अलवर में पौष बडे़ के आयोजन कुछ ही सालों में होने लगे हैं। इससे पहले इस तरह के कोई आयोजन नहीं होते थे। इसलिए विभाग ने कोई बजट तय नहीं किया है जबकि जयपुर में पौष बडे़ के आयोजन की सालों पुरानी परंपरा चली आ रही है। इसलिए यहां पौष बडे़ की सामग्री भी सालों से दी जा रही है। विभाग ने अलवर के लिए कोई सामग्री या बजट नहीं दिया है।
ये हैं देवस्थान विभाग के आत्म निर्भर श्रेणी के मंदिर1. राधा गोविंद देव मंदिर महल चौक

2. गोपी वल्लभ जी मंदिर सागर ऊपर3. मधुराधीश मंदिर हजारी का मौहल्ला

4 द्वारकाधीश मंदिर द्वारापुर थानागाजी
5. लक्ष्मी नारायण मंदिर बलदेवगढ़ टहला

6 मुरली मनोहर जी महाराज मंदिर कांकरोली

7. बलदाऊजी महाराज मंदिर रैणी

8 गोविंददेव जी मंदिर किला गोविंदगढ़

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