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अलवर

पेयजल स्रोतों की होगी मैपिंग… अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की कवायद

जलदाय विभाग ने अलवर शहर में बेतरतीब तरीके से हो रही पानी की सप्लाई को सही करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए शहर के सभी वाटर सोर्सेज की मैपिंग की जाएगी। विभाग का मकसद यही है कि नलकूपों से सीधे पानी सप्लाई करने की बजाय पानी को पहले टंकियाें तक पहुंचाया जाए और उसके बाद मोहल्लों की पानी की सप्लाई हो।

अलवरJul 08, 2024 / 11:32 am

Umesh Sharma

उमेश शर्मा.अलवर.

जलदाय विभाग ने अलवर शहर में बेतरतीब तरीके से हो रही पानी की सप्लाई को सही करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए शहर के सभी वाटर सोर्सेज की मैपिंग की जाएगी। विभाग का मकसद यही है कि नलकूपों से सीधे पानी सप्लाई करने की बजाय पानी को पहले टंकियाें तक पहुंचाया जाए और उसके बाद मोहल्लों की पानी की सप्लाई हो।
गर्मियों के दौरान शहर में कई जगहों से यह मांग उठी थी कि ट्यूबवेल से पानी सप्लाई करने की बजाय उसे पहले टंकी में भरा जाए और फिर शहर में पानी की सप्लाई हो। इस वजह से यह कवायद की जा रही है। हालांकि विभाग पूरी गहनता से अध्ययन कर रहा है। सभी जगहों पर ऐसा किया जाना संभव नहीं है। अभी कई मोहल्लों में अंतिम छोर पर ट्यूबवेल है। अगर यहां पर टंकी से पानी की सप्लाई की जाती है तो इन लोगों को पानी मिला बंद हो सकता है। पुराने शहर में सोच-समझकर इस सप्लाई को बदलने की कवायद होगी।
यह है फायदे

वाटर मैपिंग कई तरह की होती है। इसमें एक सॉर्स मैपिंग होती है। इसमें पानी के सॉर्सेज, उसकी क्वालिटी और कितनी गहराई तक पानी है, इसकी जानकारी तैयार की जाती है। इसी तरह पेयजल लाइनों की मैपिंग भी होती है। इसमें यह मैप तैयार किया जाता है कि पेयजल लाइन कहां-कहां से गुजर रही है, कितनी गहरी और कितनी साइज की है। इसे सरकार के जीआईएस सिस्टम से भी जोड़ दिया जाता है, ताकि दूषित पानी आए तो उसके पॉइंट को तुरंत पकड़ा जा सके।
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केंद्रीय मंत्री ने दिए थे निर्देश

केंद्रीय वन एव पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अलवर दौरे पर अधिकारियाें के साथ बैठक की थी। इसमें अधिकारियों ने बताया कि कई मोहल्लों में सीधे ट्यूबवेल से पानी सप्लाई किया जा रहा है ताे कई जगहों पर पानी की टंकी से पानी सप्लाई हो रहा है।इस पर मंत्री ने निर्देश दिए थे कि सॉर्स मैपिंग कर पानी की सप्लाई एक ही तरह के सिस्टम से होनी चाहिए। गौरतलब है कि गर्मियों में पेयजल संकट के समय कई मोहल्लों को दूसरे मोहल्लों के नलकूप से पानी सप्लाई करने का विरोध हुआ था।

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