अलवर शहर में मौत का बाइपास बना यह रास्ता, आए दिन हो रहे हैं हादसे

अलवर शहर में भूगोर बाइपास मौत का बाइपास बनता जा रहा है, यहां आए दिन सडक़ हादसे हो रहे है। यहां हुए हादसों में कई जनों ने अपनी जान गंवाई है।

By: Prem Pathak

Published: 25 Apr 2018, 09:06 AM IST

शहर में भूगोर बाइपास मौत का ‘बाइपास’ बन गया है। भूगोर बाइपास और इसके आस-पास के क्षेत्र में शायद ही कोई दिन ऐसा जाता हो, जब कोई दुघर्टना नहीं होती।
संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस की कोई चौकी अथवा नाका नहीं है। इसके अभाव में कई बार पुलिस के पहुंचने तक घायलों का दम टूट जाता है।

दुर्घटना संभावित क्षेत्र है भूगोर बाइपास

शहर में दुघर्टना संभावित क्षेत्रों में भूगोर बाइपास शामिल है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले साल भूगोर बाइपास व इसके आस-पास के क्षेत्र में 13 सडक़ दुघर्टनाएं हुई, जिसमें कई जानें गई। इस साल भी केवल चार माह में इस मार्ग पर चार बड़ी दुघर्टनाएं हो चुकी हैं। जिनमें चार लोगों की जान जा चुकी हैं।

यह है मुख्य कारण

अलवर-राजगढ़ मेगा हाईवे पर भूगोर बाइपास व इसके आस-पास के क्षेत्र में सडक़ दुघर्टनाओं का मुख्य कारण इस मार्ग पर सडक़ के बीच डिवाइडर का नहीं होना है। डिवाइडर न होने के कारण बड़े वाहन अपनी मर्जी से चलते हैं, इससे छोटे दुपहिया वाहनों पर खतरा रहता है। कई बार गलत दिशा में वाहन चलने के कारण भी दुर्घटनाएं हुई है। यहां डिवाइडर न होने के कारण ओवरटेक के फेर में कई दुर्घटनाएं हो रही है। इसके साथ ही रात्रि में इस मार्ग पर गाड़ी चलाना काफी मुश्किल हो जाता है।

केस- 1

18 जनवरी 2018 को भूगोर बाइपास के समीप बाइक-जीप की भिड़ंत में जनता कॉलोनी निवासी दो युवक संजय व पवन गंभीर घायल हो गए।

केस- 2

7 फरवरी 2018 को इसी मार्ग पर एक बाइक सवार ने पैदल यात्री को टक्कर मार दी। घटना में पैदल यात्री रूपबास निवासी गोविन्दा पुत्र मदनलाल की मौत हो गई।

केस- 3

19 मार्च 2018 को इस मार्ग पर दो बाइकों की भिडंत में बाइक सवार एक युवक बनयसिंह की मौत हो गई।

इस मार्ग पर दुघर्टनाओं का कारण डिवाइडर का नहीं होना, संकेतकों व चेतावनी बोर्डों का अभाव है।
अजय यादव, थाना प्रभारी सदर।

Prem Pathak Reporting
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