अब कोहरे की वजह से लेट नहीं होंगी ट्रेनें, जानिए क्या है कारण

भारतीय रेल के पास अभी भी कोहरे से निपटने के लिए कोई खास तकनीक नहीं है। इसलिए रोज कई ट्रेन कोहरे की वजह से रद्द करनी पड़ती है।

By: Himanshu Sharma

Published: 11 Dec 2017, 01:17 PM IST

उत्तर-पश्चिम रेलवे में सबसे अधिक कोहरे का प्रभाव अलवर रेलवे खण्ड में रहता है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में घना कोहरा रहने की आशंका जताई है। इसलिए रेलवे की तरफ से अलवर, जयपुर , बांदीकुई, दौसा जंक्शन से गुजरने वाली 180 ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस लगाया है।

इसके अलावा जीपीएस सिस्टम से रेलवे स्टेशन, रेलवे फाटक, ओवरब्रिज सहित प्रत्येक सिग्नल की मैपिंग करा दी गई है। इससे घने कोहरे के दौरान भी ट्रेनों का संचालन हो सकेगा।


कोहरे को देखते हुए रेलवे की तरफ से सुरक्षा के इंतजाम शुरू कर दिए गए हैं। रेलवे ने अलवर, जयपुर, दौसा, बांदीकुई व रेवाड़ी रेलवे खण्ड में ट्रैक पर पेट्रोलिंग के लिए 307 पेट्रोल मैन लगाए गए हैं, जो रात 12 बजे से सुबह 9 बजे तक अपने क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर पेट्रोलिंग करेंगे। इसके अलावा अन्य अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे की तरफ से रेलवे सिग्नल, रेलवे फाटक, अंडर पास, ओवर ब्रिज, रेलवे स्टेशन, जंक्शन सहित प्रत्येक हिस्से की सूचना चलती ट्रेन में लोको पायलेट को देने के लिए जीपीएस सिस्टम की मदद से मैपिंग कराई गई है। इससे घने कोहरे के दौरान भी ट्रेनों का संचालन हो सकेगा।

इसके अलावा जयपुर रेलवे मण्डल क्षेत्र से गुजरने वाली सभी ट्रेनों के इंजन में फॉग सेफ डिवाइस लगा दिए गए हैं। इस डिवाइस की मदद से किसी भी तरह की दुर्घटना होने की सम्भावना कम हो होती है। इससे जनता को भी खसा फायदा होगा, कोहरे के कारण कई ट्रेनें रद्द रहती हैं, लेकिन इस सुविधा के बाद ट्रेनें कोहरे में भी चलेगी।

रेलवे खण्ड में रहता है अधिक कोहरा

रेलवे की तरफ से पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सभी जरूरी कदम उठाएं जा रहे हैं। अलवर रेलवे खण्ड में अधिक कोहरा रहता है। इसलिए दिल्ली जयपुर रेलवे मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
सौम्या माथुर, डीआरएम, जयपुर रेलवे मण्डल

Himanshu Sharma
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned