जला रहे प्लास्टिक, जहरीला धुआं कर रहा लोगों को बीमार

साफ-सफाई के नाम से एनजीटी के नियमों को बता रहे धता


अलवर. बहरोड़ कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों दीपावली के त्योहार पर सभी घरों की साफ सफाई करने में व्यस्त है।
ऐसे में साफ सफाई के दौरान घरो से निकलने वाले प्लास्टिक के कूड़े कचरे को लोग खुले स्थान पर डालकर आग के हवाले कर देते है। प्लास्टिक के कूड़े कचरे से निकलने वाले जहरीले धुंए से वातावरण प्रदूषित हो रहा है। जिससे सुबह शाम के समय सांस के रोगियों, बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कस्बे में घरों के साथ ही दुकानों से निकलने वाले प्लास्टिक के कचरे को दुकानदार खाली भूखण्डों में डालकर आग के हवाले कर देते है। जिससे दिनभर काली धुआं के गुब्बारे उड़ते रहते है। कूड़े कचरे से निकलने वाली यह काली धुआं वातावरण की शुद्ध हवा में घुल कर लोगों को बीमार कर रही है। जहरीली हवा में सांस लेने से छोटे बच्चे, बड़े बुजुर्ग व अस्थमा के रोगियों को परेशानी हो रही है।
सर्वोच्च न्यायालय व एनजीटी ने खुले में कचरा जलाने और प्लास्टिक कचरा जलाने पर रोक लगा रखी है। जिसके बावजूद क्षेत्र में कानून का कोई खौफ नहीं है। जिसके चलते एनसीआर क्षेत्र मे लगातार प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। जिसको लेकर स्थानीय नगर पालिका प्रशासन व अन्य जिम्मेदार अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे है।

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