रीट परीक्षा से पहले पुलिस ने अलवर में पकड़ा नकल का गिरोह, परीक्षार्थी से मोबाइल किए जब्त

अलवर के बहरोड़ में पुलिस ने परीक्षा केंद्र पर छापा मारते हुए मोबाइल फोन व पर्चियां पकड़ी है।

By: Satpal

Published: 10 Feb 2018, 07:05 PM IST

अलवर. आईटीआई परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र परीक्षार्थियों को उपलब्ध करा खुले आम नकल करवाने का मामला बहरोड़ में उजागर हुआ है। शनिवार को पुलिस ने अलवर जिले के बहरोड़ कस्बे में कार्रवाई कर परीक्षा केन्द्र के बाहर युवकों से मोबाइल व पर्ची जब्त कर जांच शुरू की। परीक्षा से पहले उत्तर कुंजी मिलने से हडक़ंप मच गया। प्रकरण में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। इसके पीछे किसी गिरोह के तार जुडऩे की सम्भावना जताई जा रही है।

पुलिस उप अधिक्षक जनेश सिंह तंवर ने बताया कि पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि आईटीआई परीक्षा में परीक्षा केन्द्रों के बाहर परीक्षा से एक घंटे पहले ही प्रश्नपत्रों की आंसर-की मोबाइल पर मंगवा कर आईटीआई कॉलेज संचालक अपने परीक्षार्थियों को उपलब्ध करवा रहे हैं। जिनको बेहद छोटी पर्ची या अन्य जगह लिख कर परीक्षार्थी नकल कर रहे हैं। इसके बाद उनकी निगरानी रखवाई और सादा कपड़ों में पुलिसकर्मी परीक्षा केन्द्र के बाहर तैनात कर जायजा लिया। शनिवार सुबह पुलिस दल ने उप निरीक्षक रविन्द्र कविया के साथ बहरोड़ के अलवर रोड स्थित बहरोड़ पीजी कालेज परीक्षा केन्द्र के बाहर मोबाइल पर पेपर मंगवा कर उत्तर लिखते हुए कुछ युवकों को पकड़ा। उसके बाद उनसे मोबाइल व उत्तर पर्ची जब्त कर जांच प्रारम्भ की। कार्रवाई के दौरान हडक़म्प मच गया और युवक भाग लिए। पुलिस ने शनिवार को नकल कराने का मामला धोखाधड़ी व आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में दर्ज कर जखराणा निवासी सचिन यादव पुत्र जसवंत यादव को गिरफ्तार किया।

जांच में सामने आ सकते हैं बड़े नाम

आईटीआई परीक्षा में नकल कराने के मामले मे पुलिस जांच में अनेक बड़े नाम सामने आ सकते हैं। जिसमें बहरोड़ क्षेत्र के कालेज संचालक भी शामिल हो सकते हैं। जांच मे पता चलेगा की आईटीआई परीक्षा मे पेपर कहां से लीक कर उत्तर कुंजी भेजने का काम किया जा रहा था। पुलिस जांच में मोबाइल कॉल रिकार्ड व सोशल मीडिया चैट रिकार्ड तलाश करवा रहे हैं, जिसमें अनेक खुलासे होंगे।

बेखौफ नकल

क्षेत्र में 5 फरवरी से शुरू हुई आईटीआई परीक्षा में बहरोड़ क्षेत्र के परीक्षा केन्द्रों के बाहर लगातार दो-तीन दिन देखा गया तो पता चला कि परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा देने के लिए आने वाले परीक्षार्थियों को उनके कॉलेज के संचालक या प्रतिनिधि परीक्षा से एक घंटे पहले आकर मोबाइल पर पेपर की उत्तर कुंजी नोट करवाने का काम करते हैं। यह लोग झुण्ड में रोज उत्तर कुंजी नोट करवाने का काम कर रहे थे। जिसके लिए बाकायदा परीक्षार्थियों से आईटीआई कालेज संचालकों द्वारा 800 से 1000 हजार रुपए तक वसूले गए हैं। पिछले साल भी परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र बाजार में आ गए थे।

यह कहते हैं सम्बन्धित पक्ष-

मोबाइल पर हो रहे है पेपर लीक

यह परीक्षा देशभर मे हो रही है। जिसमें उनको भी शिकायत मिल रही है कि निजी आईटीआई कालेज संचालक ना तो कक्षाएं लगाते है और ना उनके पास वर्कशॉप है। बच्चों से फीस पूरी ले लेते हैं। ऐसे मे यह परीक्षा मे नकल कराने के नाम पर एक-एक हजार रुपए तक ले रहे हैं। एक दिन पहले ही अलवर शहर मं भी एक परीक्षार्थी को पकड़ कर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। शनिवार को बहरोड़ मे पुलिस ने कार्रवाई की है। परीक्षा केन्द्रों के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस जाप्ता नही मिल पा रहा है। ऐसे में नकल कराने का काम जोरों पर चल रहा है।
- प्रदीप अग्रवाल, नोडल अधिकारी, आईटीआई परीक्षा अलवर।

दस मामले बनाए हैं
परीक्षा के दौरान विगत 5 दिन में उत्तर कुंजी नोट कर नकल करते हुए 10 परीक्षार्थियों को पकडक़र नकल करने के मामले बनाए हैं। परीक्षा से पहले बाहर उत्तर कुंजी आने की उनको भी शिकायत मिली थी, लेकिन वह बाहर कुछ नहीं कर सकते।

- उमेश चौधरी, संचालक, बहरोड़ पीजी कालेज परीक्षा केन्द्र बहरोड़।
मामला दर्ज जांच शुरू

नकल कराने का मामला दर्ज कर एक जने को गिरफ्तार किया है। पूरी पड़ताल की जा रही है। नकल कराने वाले गिरोह सहित शामिल स्थानीय कालेज संचालकों से पूछताछ कर मोबाइल रिकॉर्ड की जांच कर जल्द अन्य दोषियो की गिरफ्तारी होगी।
-जनेश सिंह तंवर, पुलिस उप अधीक्षक बहरोड़।

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