बदलते मौसम में सर्दी जुकाम से इस तरह करें बचाव, जानिए विशेषज्ञों की राय

बदलते मौसम में सर्दी जुकाम से इस तरह करें बचाव, जानिए विशेषज्ञों की राय

Hiren Joshi | Publish: Nov, 10 2018 10:56:24 AM (IST) Alwar, Alwar, Rajasthan, India

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अलवर. पिछले दो दिनों से मौसम में आए परिवर्तन से मौसमी रोग फैलने लगा है। इन दिनों बच्चों में खांसी जुकाम हो रहा है। इसके पीडि़त बच्चों की संख्या दिनों- दिनों बढ़ती जा रही है।

अलवर के शिशु चिकित्सालय में प्रतिदिन 100 से अधिक शिशु ऐसे होते हैं जो खांसी व जुकाम से पीडि़त होते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मध्य रात्रि के बाद सर्दी में तेजी होने के बावजूद चदर व कम्बल नहीं ओढते हैं जिसके कारण वे सर्दी जनित रोगों के शिकार हो जाते हैं। इस मामले में हमने कई आयुर्वेद चिकित्सको से बातचीत की तो उन्होंने यह मौसमी रोगों के बारे में इस तरह से बताया।

बच्चों का रखे विशेष ख्याल

इस समय मौसम परिवर्तन का दौर हैं जिसमें सभी को इन बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। बच्चों को नहीं बड़ों को भी पूरी बांह के कपडे पहनने चाहिए जिससे मच्छर नहीं काट सके। इस समय बच्चों को सर्दी व जुकाम होने पर जायफल, पीपर, काकड़ा सिंगी, चित्रक व तुलसी पत्ते लेकर चूर्ण बना लेना चाहिए। इस चूर्ण में पानी डालकर उबाल लीजिए ओर उसके आधा रहने पर उसे छान कर दिन में 2 या तीन बार पिलाए। आयुर्वेद के अनुसार बाल चातुर्भद्रिका चूर्ण बच्चों के सभी रोगों में उत्तम ओषधि है। इसको थोड़ा सा शहद के साथ चाटने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित होती है। यह रसायन का काम करता है। च्यवनप्राश भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
-डॉ.एम.एल. भारद्वाज, आयुर्वेद चिकित्सक, अलवर

बच्चों का रखे विशेष ख्याल

इस समय मौसम परिवर्तन का दौर हैं जिसमें सभी को इन बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। बच्चों को नहीं बड़ों को भी पूरी बांह के कपडे पहनने चाहिए जिससे मच्छर नहीं काट सके। इस समय बच्चों को सर्दी व जुकाम होने पर जायफल, पीपर, काकड़ा सिंगी, चित्रक व तुलसी पत्ते लेकर चूर्ण बना लेना चाहिए। इस चूर्ण में पानी डालकर उबाल लीजिए ओर उसके आधा रहने पर उसे छान कर दिन में 2 या तीन बार पिलाए। आयुर्वेद के अनुसार बाल चातुर्भद्रिका चूर्ण बच्चों के सभी रोगों में उत्तम ओषधि है। इसको थोड़ा सा शहद के साथ चाटने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित होती है। यह रसायन का काम करता है। च्यवनप्राश भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
-डॉ.एम.एल. भारद्वाज, आयुर्वेद चिकित्सक, अलवर

बच्चों के खान पान पर रखे ध्यान

सर्दी के आगमन के साथ ही अभिभावकों को बच्चों के खान-पान पर पूरा ध्यान रखना चाहिए।इस समय बच्चों को गर्म कपड़े पहनाने चाहिए। सर्दी में बच्चों को बाहर निकालते समय उनका यह ख्याल रखें कि उनको सर्दी नहीं लगे। इस समय गर्म पानी पीना चाहिए।
- डॉ.दीपेश गुप्ता, शिशु रोग विशेषज्ञ, अलवर।

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