scriptPreparation is necessary, exams will be completed | तैयारी है जरूरी, परीक्षाएं होंगी पूरी | Patrika News

तैयारी है जरूरी, परीक्षाएं होंगी पूरी

विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित..

अलवर

Published: January 11, 2022 02:01:13 am

अलवर. कोरोना महामारी के कारण सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। इस बार बोर्ड परीक्षाओं का मार्च या अप्रैल में होना तय माना जा रहा है । इस वर्ष बोर्ड पाठ्यक्रम में भी अपेक्षित कटौती की गई है एवं परीक्षा के समय में भी कटौती हो सकती है। शहरी क्षेत्र में स्कूलों के विद्याथी नहीं आने से यह संकट बढ़ गया है कि किस प्रकार परीक्षा परिणाम बेहतर आ सके। स्कूली विद्यार्थी इस अमजंस में है कि कहीं उनकी परीक्षाएं इस साल भी नही हो और पास हो जाए। बच्चों की यह मनोवृत्ति शिक्षकों के लिए परेशानी बन गई है। ऐसे में बच्चे पढ़ाई में मन नहीं लग रहा हैं जिससे अभिभावक भी परेशान हैं।
विद्यार्थियों को बोर्ड का पाठ्यक्रम लिखवाया गया है। विषय से संबंधित प्रश्न पत्र का ब्लू प्रिंट भी विद्यार्थियों को समझाया गया है। जिसके आधार पर छोटे, बड़े, मझले प्रश्न - पत्रों का खाका तैयार किया जाता है जिससे विद्यार्थी अधिक से अधिक अंक हासिल करने में कामयाब हो सके । पाठ्यक्रम भी विद्यार्थियों को इस तरह से समझाया गया कि वे उस पाठ्यक्रम में से 100 प्रतिशत पाठ्यक्रम को समझ कर उसे हल करने की स्थिति में आ जाए । इस दिशा में सरकारी विद्यालयों ने भी अपने तरीके से पहल की है।
कोरोना के कारण कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों की परीक्षा की तैयारी शुरू हो चुकी है। अद्र्ध वार्षिक परीक्षा में कक्षा 10 एवं 12 का संपूर्ण पाठ्यक्रम परीक्षा में आता है। इस दृष्टि से जनवरी एवं फरवरी माह में कक्षा 10 एवं 12 के संपूर्ण पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति होती है। बोर्ड ने इस बार भी विद्यालय स्तर पर ही प्रायोगिक परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है।
तैयारी है जरूरी, परीक्षाएं होंगी पूरी
तैयारी है जरूरी, परीक्षाएं होंगी पूरी
विद्यार्थी अपनी तैयारी पूरी रखें
राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में इस वर्ष कुछ विद्यालयों में कृषि संकाय खोलने की घोषणा अवश्य की है, लेकिन इस सत्र में यह अमलीजामा पहनने की स्थिति में नहीं है। शिक्षाविद् मेहताब सिंह चौधरी का कहना है कि ऑफ लाइन परीक्षा आयोजित न हो पाने के कारण विद्यार्थी कक्षा दसवीं में बिना किसी परीक्षा के पहुंच चुके हैं। इस बार 10वीं परीक्षा के परिणाम पर भी न्यून रहने का खतरा मंडरा रहा है। इसकी भी चिंता विषय अध्यापकों को लगी हुई है । विभाग की ओर से 50 प्रतिशत से कम परिणाम रहने पर विषय अध्यापकों के इंक्रीमेंट रोके जाने का भय सताता रहता है। संस्था प्रधानों को भी नोटिस जारी होते हैं और उन्हें भी चेतावनी पत्र जारी किए जाते हैं। विद्यार्थियों को अपनी परीक्षा की तैयारी को बेहद सटीक एवं उच्च स्तर की करने का अभ्यास करना चाहिए।

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