व्यापारी हत्याकांड मामले में आरोपी को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद लोगों में खुशी, एसपी ने अधिकारियों को किया सम्मानित

बहरोड़ में बहुचर्चित व्यापारी हत्याकांड में अदालत ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। इस पर बहरोड़ कस्बे के लोगों में खुशी का माहौल है।

By: Prem Pathak

Published: 13 Mar 2018, 09:46 AM IST

बहरोड़. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवेन्द्रपाल सिंह ने सोमवार को कस्बे के बहुचर्चित व्यापारी हत्याकांड में कड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य अभियुक्त प्रसन्नदीप उर्फ पर्रा को फांसी की सजा सुनाई है। कुख्यात अपराधी को इस तरह की सजा देने से समाज में सुरक्षा का वातावरण बनता है। आमजन में पुलिस और न्याय व्यवस्था के लिए विश्वास बढ़ता है।
ये विचार जिला पुलिस अधिक्षक राहुल प्रकाश ने सोमवार शाम को बहरोड़ पुलिस थाने में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कह रहे थे। उन्होंने कहा कि अलवर जिले मे अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस उपलब्ध संशाधनों के साथ मेहनत कर अधिकंाश मामलों में सफलता प्राप्त कर रही है। खैरथल मामले में भी पुलिस तत्परता से लगी है। जिला पुलिस अधिक्षक ने उस समय यहां तैनात अधिकारी एएसपी तेजपाल सिंह,सीआई रणजीत सेवदा,एपीपी गुलाब सिंह व केस आफिसर महावीर सिंह शेखावत को अच्छा कार्य करने पर उनका सम्मान किया। इस दौरान डीएसपी जनेश सिंह तंवर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कस्बे के लोगों में फैसले से खुशी

कस्बे सहित आसपास क्षेत्र में विगत कुछ साल से मारपीट, लूटपाट, फायरिंग, हत्या का प्रयास व हत्या जैसे संगीन अपराध के बढऩे से लोगों में भय का वातावरण बना हुआ था। व्यापारी की हत्या के मामले में अभियुक्त को फांसी सजा का फैसला आया है। जिसके बारे में लोगों ने सोचा भी नहीं था। न्यायालय के फैसले से लोगों मे राहत का वातवरण बना है। वहीं, कस्बे के व्यापारी वर्ग सहित अन्य लोगों ने भी फैसले पर खुशी जताई है।

चोरी से शुरू हुआ सफर हत्या तक पहुंचा

प्रसन्नदीप उर्फ पर्रा ने 13 मई 2008 को चोरी की वारदात को अंजाम देकर अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद मारपीट, धमकी, लूट और हत्या के लिए फायरिंग करने, प्राणघातक हमले जैसे अपराध किए। 4 मार्च 2016 को व्यापारी की गोली मारकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था।

केस ऑफिसर स्कीम में था मामला

बहरोड़ थाना प्रभारी महावीर शेखावत ने बताया कि आरोपित प्रसन्नदीप उर्फ पर्रा पर चोरी, लूट, अवैध वसूली को लेकर धमकी देने, प्राणघातक हमला, हत्या के दो दर्जन मामले चल रहे थे। जिस कारण व्यापारी की हत्या के मामले को पुलिस ने केस ऑफिसर स्कीम में लिया। मामले की लगातार पैरवी करते हुए आरोपित के खिलाफ कड़ी सजा के लिए सबूत जुटाए।

Prem Pathak Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned