सरकारी प्रयास नहीं जनआंदोलन से मिलेगा नदियों को पुनर्जीवन

सरकारी प्रयास नहीं जनआंदोलन से मिलेगा नदियों को पुनर्जीवन

| Publish: Apr, 01 2017 08:59:00 PM (IST) Alwar, Rajasthan, India

अलवर के भीकमपुरा में तीन दिवसीय सामाजिक कार्यकर्ता नेतृत्व निर्माण शुरू, एमपी सीएम सहित सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे, चंडीप्रसाद भट्ट ने की शिरकत

अलवर. जिले के भीकमपुरा का तरुण आश्रम शनिवार को देश भर से आए सामाजिक कार्यकर्ताआें के सकारात्मक विचारों से महक उठा। हर एक लफ्ज पर्यावरण के प्रति प्रेम को समर्पित किया गया। मौका था तरुण भारत संघ के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय सामाजिक कार्यकर्ता नेतृत्व निर्माण शिविर का। सम्मेलन में 22 राज्यों के सामाजिक कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। 


पर्यावरण संरक्षण की जरूरत


शिविर में सभी ने पर्यावरण संरक्षण की जरूरत बताई और इस क्षेत्र में अलग-अलग कार्य कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सीएम चौहान ने मध्यप्रदेश में नर्मदा को बचाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें स्थानीय लोग मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। 


भागीदारी निभाने का आह्वान

 उन्हांेने कहा कि देश की नदियों को सरकारी प्रयास से नहीं जनआंदोलन से ही पुनर्जीवन दिया जा सकता है। उन्होंने सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं से आगामी 2 जुलाई को मध्यप्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए वृहद स्तर पर आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। 



समाज को उठाने के लिए अपने अस्तित्व को मिटाना होगा


सामान्य प्रशासन मंत्री हेमसिंह भडाना ने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि जलपुरुष राजेन्द्र सिंह जैसे लोग उनकी माटी के लिए काम कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अरुण तिवारी ने कहा कि समाज को उठाने के लिए अपने अस्तित्व को मिटाना होगा। पहचान की चाहत हम पर भारी पड़ रही है। वहीं उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जागृति के नाम पर सरकार ने आंदोलनों को प्रोजेक्ट और बाजार ने प्रोडक्ट बनाकर बेच दिया। पूर्व के आंदोलनों का गलत फायदा भी उठाया गया है।   



 नाक दबाने पर ही मुंह खुला था


शिविर में जल पुरुष राजेन्द्र सिंह ने सवाल उठाया कि क्या सदाचार से भ्रष्टाचार मिटेगा? इसके अलग-अलग मत आए। वहीं अन्ना हजारे ने कहा कि  सिर्फ सदाचार नहीं, सख्त कानून से भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सकता है। अन्ना ने कहा कि वो घर से एक झोला लेकर निकले थे, आंदोलनों के लिए उन्होंने 5-5, 10-10 रुपए का चंदा जुटाया है। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि उन्हें कभी रामलीला मैदान में बैठने को मिलेगा और इतना जबर्दस्त जनसमर्थन होगा। मेरे पास सदाचार के अलावा कुछ नहीं था। वहां भी नाक दबाने पर ही मुंह खुला था। सरकार सिर्फ गिरने से डरती है। सिर्फ भाषण से सख्त कानून नहीं बनेगा। इसके लिए सरकार गिराने की शक्ति पैदा करनी होगी। 

गार्ड ऑफ ऑनर अहंकार पैदा करता है


 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान पुलिस के जवानों से कहा कि आप लोग कृपया बैठ जाएं। मैं असहज हो जाता हूं। अभी मुझे गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मुझे लगता है कि गार्ड ऑफ ऑनर अहंकार पैदा करता है। फिर हम शासक नहीं जनता के सेवक हैं। हमें गार्ड ऑफ ऑनर की क्या जरूरत है। मैंने शुरुआत के दिनों में देखा कि मंत्री के देर से आने पर पुलिसकर्मी घंटों खड़े रहते थे।  जबकि थानों में पुलिस की कमी हो जाती थी। मैंने अपने प्रदेश में गार्ड ऑफ ऑनर ही बंद करा दिया है। हालांकि राज्यों में दिया जा रहा है, मैं उनकी आलोचना नहीं करता। 


सिखाने नहीं, सीखने आया हूं...


सीएम ने कहा कि मैं यहां कुछ भी सिखाने नहीं, सीखने आया हूं। यहां इतने समाजिक कार्यकर्ता हैं, कुछ न कुछ तो सीखने को मिलेगा। सीएम या अधिकारी हर विषय में एक्सपर्ट नहीं हो सकता। इसीलिए मैं जिस वर्ग के कल्याण की योजना बनाता हूं, उसे उसमें शामिल करता हूं। मैं तो सचिवालय में अपने अधिकारियों से कहता हूं कि अपनी बंधी दिनचर्या के चलते हम लोग तो कूप मंडूक हो गए हैं।

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