अलवर के खंडहर भवन दे रहे हैं हादसे को न्योता, प्रशासन नहीं ले रहा सुध

अलवर के खंडहर भवन दे रहे हैं हादसे को न्योता, प्रशासन नहीं ले रहा सुध

Prem Pathak | Publish: Apr, 17 2018 11:32:27 AM (IST) Alwar, Rajasthan, India

अलवर के बाजार में खंडहर हो चुके भवन हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं। इनकी हालत बिल्कुल ही जर्जर हो गई है।

अलवर. शहर में दर्जनों पुराने मकान इन दिनों सारसंभाल के अभाव में गिराऊ हालत में पहुंच गए है, लेकिन प्रशासन की ओर से ऐसे खंडहर भवनों को चिह्नित कर गिराने की कार्रवाई नहीं हो सकी। नतीजतन सोमवार को शहर के घंटाघर के समीप एक पुराने मकान की दीवार गिर गई। समय रहते प्रशासन ने शहर के गिराऊ भवनों की सुध नहीं ली तो बड़ी अनहोनी को टालना मुश्किल होगा।

यहां है पुराने भवन

बिच्छू की गली, बंासवाली गली, पुराना कटला जगन्नाथ मंदिर के पीछे, खपटा पाड़ी, दिल्ली दरवाजा, टेाली का कुआं, रंग भरियों की गली, भीकम सैयद आदि में सैंकडों मकान गिराऊ हालत में हैं।

बाहर रहते हैं मालिक, पड़ोसी हैं परेशान

ये वो मकान है जिनके मालिक या तो किसी दूसरी कॉलोनी में बस गए हैं या फिर कामकाज या सरकारी नौकरी के चलते दूसरे शहरों में रह रहे हैं। इनमें से अधिकांश मकान तो ऐसी जगह पर बने हुए हैं जो सडक़ के किनारे पर हैं या फिर मुख्य सडक़ के पास है। जहां हर दिन हजारों लोग आते जाते हैं। अधिकांश खंडर मकान संयुक्त परिवारों के हैं। इसमें बंटवारे का विवाद चल रहा है। इस कारण ऐसे भवनों की लंबे समय तक मरम्मत नहीं हो पाती और वह खंडहर हालत में पहुंच जाते हैं।

कभी चलती थी स्कूल आज है वीरान

पुराना कटला जगन्नाथ मंदिर के पीछे मुख्य मार्ग पर करीब 200 साल पुरानी इमारत पूरी तरह से खंडहर हो चुकी है। इसकी दीवारें अपनी जगह छोड़ चुकी हैं। खास बात यह है कि यहां पर किसी जमाने में गांधी स्कूल व थानागाजी स्कूल चलता था। लेकिन आज यह इमारत वीरान है। इसके नीचे रह रहे परिवार की हर रात बेचैनी से कटती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर परिषद को कई बार इसकी शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सूचना मिलने पर बनती है रिपोर्ट

पिछले काफी समय से शहर के खंडहर भवनों की कोई सूची तैयार नहीं हुई है। कोई शिकायत करता है तो उस जगह का मौका मुआयना कर रिपोर्ट तैयार करवाई जाती है। इसके बाद भवन मालिक को नोटिस भी देते हैं। अब जल्द ही ऐसे भवनों को दिखवाया जाएगा।
संजय शर्मा
कमिश्नर, नगर परिषद, अलवर।

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