सरिस्का को मिले एक बाघ व एक बाघिन

बाघिन एसटी-14 के शावकों का किया नामकरण, इनमें एक नर व एक मादा

अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना में सोमवार को बाघिन एसटी-14 के दो शावकों का नामकरण किया गया। बीस महीने के शावकों में एक बाघ व एक बाघिन है।
सरिस्का के डीएफओ सेढूराम यादव ने बताया कि बाघिन एसटी-14 के दो शावकों का नाम करण किया गया है। इनमें फीमेल शावक को बाघिन एसटी-17 व मेल शावक को बाघ एसटी-18 नाम दिया गया है। दोनों शावकों की उम्र करीब 20 माह है। शावकों के नामकरण के बाद अब सरिस्का में बाघ-बाघिन की संख्या बढकऱ 13 पहुंच गई है। इससे पूर्व सरिस्का में बाघ-बाघिन की संख्या 11 थी। वहीं शावकों की संख्या 5 से घटकर 3 रह गई है।


सरिस्का को थी युवा बाघ-बाघिन की जरूरत

सरिस्का को युवा बाघ व बाघिन की जरूरत थी, जो बाघिन एसटी-14 के शावकों के नामकरण के बाद कुछ पूरी हो पाई है। कारण है कि सरिस्का में ज्यादातर बाघ-बाघिन उम्रदराज हो चुके हैं। इस कारण बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए सरिस्का में युवा बाघ व बाघिन की जरूरत थी।

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