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सरिस्का को सुरक्षा की दरकार: वनकर्मियों के स्वीकृत पदों में से आधे से ज्यादा खाली

बाघों की बढ़ती तादाद के चलते देश दुनिया में ख्यातनाम सरिस्का बाघ परियोजना को सुरक्षा की खास दरकार है। साल दर साल बाघों और उनके चहेते पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से सरकार की तिजोरी तो भरी, लेकिन सरिस्का की सुरक्षा के लिए न अधिकारी मिल पाए और न ही वनरक्षक।

अलवर

Published: December 08, 2021 12:48:50 am

अलवर. बाघों की बढ़ती तादाद के चलते देश दुनिया में ख्यातनाम सरिस्का बाघ परियोजना को सुरक्षा की खास दरकार है। साल दर साल बाघों और उनके चहेते पर्यटकों की संख्या में वृद्धि से सरकार की तिजोरी तो भरी, लेकिन सरिस्का की सुरक्षा के लिए न अधिकारी मिल पाए और न ही वनरक्षक। स्थिति है कि बाघों की सलामती के लिए सरिस्का प्रशासन को बॉर्डर होमगार्ड व होमगार्ड लेने पड़ रहे हैं।
सरिस्का को सुरक्षा की दरकार: वनकर्मियों के स्वीकृत पदों में से आधे से ज्यादा खाली
सरिस्का को सुरक्षा की दरकार: वनकर्मियों के स्वीकृत पदों में से आधे से ज्यादा खाली
करीब 1312 वर्ग किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में फैले सरिस्का की सुरक्षा बड़ी चुनौती है। सरिस्का बाघ परियोजना में अभी चारदीवारी का अभाव है, इस कारण वनरक्षकों एवं थर्मल पावर कैमरे से सरिस्का की निगरानी मजबूरी है, लेकिन सरिस्का में वन रक्षक के करीब 133 स्वीकृत पदों में से 67 ही वर्तमान में कार्यरत हैं। इस कारण बॉर्डर होमगार्ड व होमगार्ड को सुरक्षा सौंपनी पड़ी है।
सबसे बड़ी चुनौती बाघों की सुरक्षा
सरिस्का प्रशासन के लिए इन दिनों बाघों की दिन रात निगरानी जरूरी है। वर्तमान में सरिस्का में 23 बाघ हैं। प्रत्येक बाघ की निगरानी के लिए दिन रात दो कर्मचारियों की जरूरत रहती है, इनमें एक वनकर्मी तथा एक प्रशिक्षित ग्रामीण शामिल हैं। इस लिहाज से 23 वन रक्षकों की जरूरत वनकर्मियों की जरूरत रहती है। इसके अलावा सुरक्षित टीम में वनकर्मियों जरूरत अलग से रहती है। वहीं सरिस्का में 102 बीट हैं। इन बीटों में वनरक्षकों की तैनाती सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है। दिन रात निगरानी के लिए 600 से ज्यादा वनरक्षकों की आवश्यकता रहती है। इसके अलावा सरिस्का की सीमा की चौकसी के लिए वनकर्मियों की हर समय दरकार रहती है। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में वन रक्षकों की जरूरत के बावजूद इन दिनों सरिस्का में 67 वन रक्षक कार्यरत हैं, जबकि स्वीकृत पदों में भी 66 खाली हैं।
थर्मल पावर कैमरे भी नाकाफी

सरिस्का में निगरानी के लिए अभी 16 थर्मल पावर कैमरे लगे हैं, लेकिन यहां की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के लिए 100 से ज्यादा कैमरों की ओर आवश्यकता है। कारण है कि सरिस्का में ऊंचे, नीचे पहाड़, सघन वन क्षेत्र के अलावा पैराफेरी व कोर एरिया में गांव बसे हैं। इसके अलावा सरिस्का की सीमा लंबे भू भाग में फैली हुई है, इनकी निगरानी के लिए भी थर्मल पावर कैमरों की जरूरत है। कारण है कि सरिस्का की सीमाएं खुली हुई है, यहां से हर समय शिकारियों व समाजकंटकों के प्रवेश का अंदेशा रहता है, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है।
पहले भी सरिस्का पर लग चुका दाग
सरिस्का की सुरक्षा में कमी का नतीजा पहले भी सरकार भुगत चुकी है। शिकारियों के बेरोकटोक प्रवेश के चलते वर्ष 2005 में सरिस्का बाघ विहिन होने का दाग झेल चुका है। ऐसे में सरिस्का के लिए सुरक्षा की जरूरत ज्यादा है। सरिस्का में बाघों के सफाए के कारणों की जांच एवं सुझाव देने के लिए गठित टास्क फोर्स भी सरिस्का की सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दे चुकी है, इसके बाद भी सुरक्षा के लिए सरिस्का प्रशासन को पर्याप्त अधिकारी और कर्मचारी नहीं मिल सके हैं।
सरिस्का में 241 स्वीकृत पदों में 102 खाली

सरिस्का बाघ परियोजना में स्वीकृत 241 पदों में से 139 पर ही अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत हैं, शेष 102 पद खाली हैं। सरिस्का में 48 कार्य प्रभारित कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं 108 बॉर्डर होमगार्ड तथा 50 से 60 होमगार्ड तैनात है।
पदनाम स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त पद
मुख्य वन संरक्षक 01 00 01

वन संरक्षक 01 01 00
उप वन संरक्षक 04 02 02

सहायक वन संरक्षक 10 01 09
अनुसंधान अधिकारी 01 01 01

पशु चिकित्सक 01 01 00
सूचना सहायक 01 00 01
वायरलैस ऑपरेटर 01 00 01
वाहन चालक 07 04 03

वनपाल 12 10 02
सहा. वनपाल 22 19 03

वन रक्षक 133 67 66
सर्वेयर 02 01 01

दिन रात सुरक्षा के निर्देश

सरिस्का में वर्तमान कार्यरत सभी कर्मचारियों को बाघों की सुरक्षा तथा बाघ परियोजना की चौकसी के निर्देश दिए हुए हैं। दिन रात कर्मचारियों को सुरक्षा में लगाए हुए हैं। बॉर्डर होमगार्ड व होमगार्ड भी सुरक्षा में तैनात किए जाते हैं।
सुदर्शन शर्मा
डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना

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