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सरिस्का की शान बाघ: मरे या हो लापता जांच अधिकारियों का नहीं वास्ता

सरिस्का की शान है बाघ, लेकिन वह मरे या लापता हो, जांच का जिम्मा उठा रहे अधिकारियों को उनसे कोई वास्ता नहीं। यही कारण है कि जयपुर से 150 किलोमीटर दूर सरिस्का बाघ परियोजना में बाघों की जांच करने अधिकारी नहीं आते।

अलवर

Published: May 17, 2022 11:54:25 pm

अलवर. सरिस्का की शान है बाघ, लेकिन वह मरे या लापता हो, जांच का जिम्मा उठा रहे अधिकारियों को उनसे कोई वास्ता नहीं। यही कारण है कि जयपुर से 150 किलोमीटर दूर सरिस्का बाघ परियोजना में बाघों की जांच करने अधिकारी नहीं आते। बाघों के दो मामलों में राज्य सरकार ने एसीएस एवं वन विभाग के उच्च अधिकारियों को जांच का जिम्मा सौंपा, लेकिन एक में भी अधिकारी जांच के लिए जयपुर से उठकर सरिस्का नहीं आए।सरिस्का बाघ परियोजना में रणथंभौर से लाए बाघ एसटी- 16 की ट्रंक्यूलाइज के दौरान हीट स्ट्रोक से मौत हो गई थी। मामले की जांच राज्य सरकार ने तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को सौँपी। बाघ एसटी- 16 की मौत का मामला प्रदेश ही नहीं देश भर में खूब चर्चित हुआ, लेकिन जांच के लिए नियुक्त एसीएस स्तर के अधिकारी एक बार भी बाघ की मौत का मौका मुआवना तथा गवाहों के बयान लेने सरिस्का नहीं आए। कुछ महीनों बाद वरिष्ठ आइएएस अधिकारी ने जयपुर में बैठकर ही बाघ एसटी-16 की मौत की जांच पूरी कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। इतना ही नहीं राज्य सरकार ने वरिष्ठ आइएएस अधिकारी की जांच रिपोर्ट प्राप्त कर बाघ के मौत के मामले में इतिश्री कर ली।
सरिस्का की शान बाघ: मरे या हो लापता जांच अधिकारियों का नहीं वास्ता
सरिस्का की शान बाघ: मरे या हो लापता जांच अधिकारियों का नहीं वास्ता
अब बाघ एसटी-13 के गुम होने की करनी है जांच

सरिस्का में करीब चार महीने पहले बाघ एसटी-13 लापता हो गया था। सरिस्का प्रशासन ने तीन महीने बाघ की सभी एंगलों से खूब तलाश की, लेकिन बाघ का पता नहीं चल सका। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एनटीसीए के प्रोटोकॉल के अनुसार 90 दिन बाद बाघ को लापता मान लिया गया। बाद में राज्य सरकार ने बाघ एसटी-13 के गुम होने के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया। यह कमेटी भी अभी तक बाघ एसटी-13 के लापता होने के कारणों की जांच के लिए सरिस्का नहीं पहुंची है।
बाघ एसटी- 13 के लापता होने की तथ्यात्मक रिपोर्ट देनी है कमेटी को

सरिस्का बाघ परियोजना में बाघ एसटी-13 के लापता होने के मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में राज्य के पर्यावरण सचिव पीके उपाध्याय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन सुरक्षा उदयशंकर तथा सीसीएफ वाइल्ड लाइफ पी काथिरवैल को शामिल किया गया है। इस कमेटी को सरिस्का में बाघ एसटी-13 के लापता होने के मामले के तथ्यों की जानकारी कर रिपोर्ट एक माह में राज्य सरकार को देनी है। जबकि इस उच्च स्तरीय कमेटी को गठित हुए करीब 20 दिन का समय बीत चुका है।
सरिस्का प्रशासन की रिपोर्ट से चला लेते हैं काम

बाघ की मौत या लापता होने के मामले में सरिस्का प्रशासन को विभाग के उच्च अधिकारियों को तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजनी होती है। सरिस्का प्रशासन की ओर भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर जयपुर में वरिष्ठ अधिकारी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप अपना काम पूरा कर लेते हैं।

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