जानिए सरिस्का में क्यों गड़बड़ा रहा लैंगिक अनुपात

अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना में एक बार फिर बाघों का लैंगिक अनुपात गड़बड़ा रहा है, इसका कारण है कि सरिस्का में मेल टाइगर की संख्या में तेजी से कमी आना। वर्तमान में यहां 8 फीमेल टाइगर व 3 बाघ बचे हैं। यही कारण है कि सरिस्का की उम्मीदें अब बाघों के शावकों पर टिकी है। एेसे में तीन शावकों पर शिकार का मंडराता खतरा सरिस्का प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता है।

By: Prem Pathak

Published: 10 Mar 2019, 12:34 PM IST

 

 

सरिस्का में इन दिनों 11 टाइगर व 8 शावक हैं। इनमें बाघों की संख्या 3 बची है। खास बात यह कि इन तीन बाघों में भी एक बाघ एसटी-6 उम्रदराज होने के साथ ही बीमार है। इस कारण बाघों की संख्या में और गिरावट की आशंका भी है। एेसे में बाघ-बाघिन का संतुलन गड़बड़ाने लगा है।

लगातार दो बाघों की मौत से बढ़ा असंतुलन

वर्ष 2018 सरिस्का के लिए ज्यादा सुखद नहीं रह सका। इस दौरान यहां दो बाघों की कमी हुई। इनमें बाघ एसटी-11 व एसटी-4 की मौत सरिस्का के लिए बड़ा नुकसान रहा। इसमें बाघ एसटी-11 की मौत की लंबे समय तक भरपाई संभव नहीं है। लगातार दो बाघों की मौत से सरिस्का में टाइगर का संतुलन गड़बड़ा गया।

नया बाघ लाना फायदे का सौदा नहीं

सरिस्का में मेल टाइगर की संख्या में कमी के बावजूद रणथंभौर से नया बाघ लाना ज्यादा फायदे का सौदा नहीं है। कारण है कि नया बाघ आने से टैरिटरी का संघर्ष बढऩा तय है और एेसे में यहां शावकों के शिकार का खतरा बढ़ सकता है। नया बाघ आने के बाद अपनी टैरिटरी बनाएगा, एेसे में वह बाघिनों को अपनी टैरिटरी से खदेड़ेगा। इस संघर्ष में शावक भी नए बाघ के हमले का शिकार बन सकते हैं।

वर्तमान में यह है टाइगर की स्थिति

सरिस्का में वर्तमान में एसटी-6, 13 व 15 मेल टाइगर है। वहीं एसटी-2, 3, 7, 8, 9, 10, 12 व 14 फीमेल बाघ हैं। वहीं इन दिनों सरिस्का में 8 शावक हैं, इनमें बाघिन एसटी-12 के तीन, एसटी-14 के दो एवं एसटी -10 के तीन शावक शामिल हैं।

कुनबा बढ़ाने में दो बाघ ही सक्षम

वैसे तो सरिस्का में ३ बाघ बचे हैं, लेकिन इनमें एसटी-6 की उम्र 14 साल से ज्यादा हो चुकी है। वहीं पिछले दिनों बाघ एसटी-4 से संघर्ष के बाद वह गंभीर घायल हो गया, जिससे उसके पांव में घाव होने से वह ठीक से चल फिर नहीं पा रहा। शिकार में परेशानी होने से वह इन दिनों बेहद कमजोर हो चुका है तथा पहाड़ी आदि पर चढऩे के कारण वनकर्मियों को भी ज्यादा दिखाई नहीं पड़ रहा। इस कारण सरिस्का की उम्मीद फिलहाल बाघ एसटी-13 व एसटी-15 पर टिकी है।

तीन शावक नहीं दिखे तो होगा बड़ा नुकसान

हालांकि सरिस्का में अभी 11 टाइगर हैं, लेकिन उसका भविष्य शावकों पर टिका है। यही कारण है कि सरिस्का प्रशासन ही नहीं वन्यजीव प्रेमियों की बड़ी चिंता बाघिन एसटी-10 के तीन शावकों का लंबे समय से नहीं दिखना है। इन शावकों को लेकर कोई अनहोनी हुई तो यह सरिस्का के लिए बड़ा नुकसान होगा। कारण है कि बाघिन एसटी-12 व 14 के शावक अब चल फिरने में सक्षम है। एेसे में उन्हें अन्य वन्यजीवों से खतरा कम है, लेकिन एसटी-10 के शावक अभी ढाई महीने के हैं, जो कि चल फिर पाने में सक्षम नहीं है। छोटे होने के कारण इन शावकों पर अभी खतरा है।

शावकों की सलामती सरिस्का लिए अहम

बाघिन एसटी-10 के शावकों की सलामती सरिस्का के लिए अहम है। कैमरों के रिजल्ट देखे जा रहे हैं। स्टाफ से भी शावकों के बारे में जानकारी मांगी है।

घनश्याम प्रसाद शर्मा

सीसीएफ, सरिस्का बाघ परियोजना

Prem Pathak Reporting
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