सरिस्का में फिर शिकारियों का बसेरा, बंदूक समेत दो शिकारी पकड़े

रणथंभौर के बाद अब सरिस्का बाघ परियोजना में भी बंदूक समेत शिकारियों की पहुंच से बाघों पर संकट मंडराने लगा है। सरिस्का प्रशासन ने शुक्रवार को सरिस्का रेंज क्षेत्र के परिधि स्थित बीट किशोरी से दो शिकारियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक देसी बंदूक व दो खरगोश बरामद किए हैं।

Prem Pathak

February, 1411:13 PM

अलवर. रणथंभौर के बाद अब सरिस्का बाघ परियोजना में भी बंदूक समेत शिकारियों की पहुंच से बाघों पर संकट मंडराने लगा है। सरिस्का प्रशासन ने शुक्रवार को सरिस्का रेंज क्षेत्र के परिधि स्थित बीट किशोरी से दो शिकारियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक देसी बंदूक व दो खरगोश बरामद किए हैं।

सरिस्का बाघ परियोजना में बंदूक लेकर शिकारियों की पहुंच थम नहीं पा रही है। पूर्व में भी सरिस्का में बंदूक समेत शिकारियों को पकड़ा जा चुका है। करीब 15 दिन पूर्व भी सरिस्का में ***** का बंदूक से शिकार करने की चर्चा रही है। इससे पूर्व वनकर्मियों ने सरिस्का में बंदूक लेकर घूम रहे शिकारियों को पकड़ा था। सरिस्का में पहले भी बंदूक सहित शिकारियों की गिफ्तारी हो चुकी है।

खरगोश के शिकार में दो बावरिया आरोपी पकड़े

सरिस्का के डीएफओ सेढूराम यादव ने बताया कि शुक्रवार को सरिस्का बाघ परियोजना के सरिस्का रेंज क्षेत्र के परिधि पर स्थित बीट किशोरी नाका थानागाजी क्षेत्र से वनकर्मियों ने कार्रवाई कर दो शिकारियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार शिकारी राहुल पुत्र लालाराम बावरिया निवासी बाछड़ी थानागाजी एवं राधेश्याम पुत्र रघुनाथ बावरिया निवासी सिलीसेढ़ हैं। वनकर्मियों ने इन शिकारियों से वन क्षेत्र में शिकार कर मारे गए दो खरगोश एवं एक देशी बंदूक बरामद की है। बाद में वनकर्मियों ने भीकमपुरा स्थित बावरियों के डेरे पर दबिश दी। अपराधियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर तफ्तीश प्रारंभ की है। शिकारियों को पकडऩे की कार्रवाई सरिस्का रेंज एवं उडनदस्ता के स्टाफ की ओर से संयुक्त रूप से की गई। शिकारियों को पकडऩे वाले दल में क्षेत्रीय वन अधिकारी सरिस्का, क्षेत्रीय वन अधिकारी उडनदस्ता, वनपाल थानागाजी, फोरेस्ट गार्ड सरिस्का एवं थानागाजी, बॉर्डर होम गार्ड व होमगार्ड के जवान शामिल थे।

सरिस्का पर भारी बावरिया गिरोह

सरिस्का बाघ परियोजना के आसपास बावरिया परिवारों के डेरे हैं। बावरिया परिवारों के लोग लंबे समय से सरिस्का में शिकार की घटनाओं में लिप्त पाए गए हैं। सरिस्का व आसपास बसे बावरिया परिवारों के लोग चोरी छिपे सरिस्का में प्रवेश कर सूअर, खरगोश, सांभर आदि का शिकार करते रहे हैं। वनकर्मियों की दबिश में बावरिया परिवारों से कई बार बंदूक व शिकार में प्रयुक्त होने वाले धारदार हथियार भी बरामद किए गए हैं। सरिस्का में बावरिया शिकारियों की आसान पहुंच के चलते बाघों के शिकार की आशंका बढऩे लगी है। वर्ष 2005 से पूर्व भी बाघों के शिकार की घटनाओं में बावरिया शिकारियों की लिप्तता उजागर हो चुकी है।

Prem Pathak Reporting
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