युवा बाघों ने खोली आत्मनिर्भर सरिस्का की राह, अब पुनर्वास की जरूरत नहीं

अलवर. युवा बाघों की खेप बढऩे से अब सरिस्का बाघ परियोजना भी बाघों के मामले में आत्मनिर्भर की राह पर चल पड़ा है। वर्तमान में सरिस्का में 17 बाघ हैं, इनमें तीन को छोड़ शेष नए एवं युवा बाघ हैं।

By: Prem Pathak

Updated: 16 May 2020, 11:19 PM IST

अलवर. युवा बाघों की खेप बढऩे से अब सरिस्का बाघ परियोजना भी बाघों के मामले में आत्मनिर्भर की राह पर चल पड़ा है। वर्तमान में सरिस्का में 17 बाघ हैं, इनमें तीन को छोड़ शेष नए एवं युवा बाघ हैं। यही कारण है कि अब सरिस्का को रणथंभौर या किसी अन्य नेशनल पार्क से बाघों के पुनर्वास की खास जरूरत नहीं है।

सरिस्का इन दिनों युवा बाघों से आबाद है। हालांकि सरिस्का में वर्तमान में 17 बाघ हैं। इनमें दो बाघिन एवं एक बाघ की उम्र 15 साल या इससे अधिक है, शेष बाघ-बाघिन दो साल से 10 वर्ष से कम आयु के हैं। युवा बाघों की बढ़ती संख्या ने सरिस्का की बाघों की कमी को लगभग पूरा कर दिया है।

नए बाघों पर टिका सरिस्का का भविष्य

इन दिनों पांच नए बाघ-बाघिनों पर सरिस्का का भविष्य निर्भर है। इनमें बाघिन एसटी-12 के तीन बाघ-बाघिन तथा बाघिन एसटी-14 के दो बाघ-बाघिन शामिल हैं। इन नए बाघों की उम्र भी दो से ढाई साल के बीच है। इसके अलावा बाघ एसटी-13 सरिस्का को बाघों से आबाद करने का जिम्मा कई सालों से निभाता रहा है। इसके अलावा बाघ एसटी-15 भी युवा हैं। इन दोनों बाघों की उम्र भी साढ़े चार से पांच साल है।

सरिस्का में अभी ये हैं बाघ-बाघिन

सरिस्का में अभी 17 बाघ-बाघिन हैं, इनमें बाघिन एसटी-2 व 3 की उम्र 15 साल से ज्यादा है। वहीं बाघ एसटी-6 की उम्र भी करीब 15 साल है। शेष बाघिन एसटी-7, 8, 9, 10, 12, 14 सरिस्का में बाघों का कुनबा बढ़ाने में सक्षम हैं। वहीं एसटी-17, 18, 19, 20 व 21 नए बाघ-बाघिन हैं। इसके अलावा बाघिन एसटी-10 का एक शावक भी करीब तीन माह का हो चुका है।

गांवों का विस्थापन हो सकता है रोडा

सरिस्का को बाघों के मामले में आत्मनिर्भर बनने में गांवों के विस्थापन की धीमी प्रक्रिया रोडा बन सकती है। सरिस्का के अंदर बसे 9 गांवों में से अभी 3 गांवों का ही विस्थापन हो पाया है। शेष 6 गांवों में कुछ ही परिवारों का विस्थापन हुआ है। सरिस्का में मानवीय दखल बाघों के लिए बड़ी समस्या बन सकती है।

नए बाघ तलाश रहे टैरिटरी

सरिस्का में गांवों का विस्थापन नहीं होने से नए बाघों के सामने टैरिटरी की समस्या है। वर्तमान में नए बाघों में एक बाघ व एक बाघिन सरिस्का के बफर क्षेत्र में पिछले दो-तीन महीने से टैरिटरी तलाश रहे हैं। दोनों बाघ-बाघिन को अलवर बफर का क्षेत्र खूब रास आ रहा है।

नए बाघ से सरिस्का की खुशहाली बढ़ी

सरिस्का में नए बाघों से खुशहाली बढ़ी है। इन दिनों दो बाघ-बाघिन सरिस्का के अलवर बफर रेंज में हैं। अलवर बफर रेंज का जंगल अच्छा है। यहां बाघों के आने से पर्यटन की संभावना बढ़ी है।

घनश्याम प्रसाद शर्मा

सीसीएफ, सरिस्का बाघ परियोजना

Prem Pathak Reporting
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