सरिस्का में नए बाघ बना रहे टैरिटरी, अगर अब नहीं हुआ गांवों का विस्थापन तो ग्रामीणों को होगा खतरा

Sariska Tiger Reserve : सरिस्का बाघ परियोजना में हाल ही में कुछ शावकों का नामकरण हुआ है, अब वो व्यस्क हो रहे हैं, वे टैरिटरी बनाने के लिए नई जगह खोज रहे हैं, ऐसे में ग्रामीणों के लिए खतरा बढ़ जाएगा।

अलवर. Sariska Tiger Reserve : सरिस्का में ( Sariska Tiger ) शावकों के नामकरण के साथ ही नए बाघों ने अपने लिए नई टैरिटरी तलाशनी शुरू कर दी है। पिछले दिनों बाघिन एसटी-14 के शावक मां से अलग हुए हैं और सरिस्का प्रशासन ने उनका नामकरण भी किया है। अभी बाघिन एसटी-12 के तीन शावकों का नामकरण भी होना है। ऐसे में सरिस्का को मिले पांच नए बाघ-बाघिनों को नई जगह की जरूरत होगी। सरिस्का में वर्तमान में 13 बाघ-बाघिन व तीन शावक हैं। तीनों शावकों की उम्र भी लगभग डेढ़ साल की है। ये शावक भी अब मां से अलग होने की तैयारी में हैं। नए बाघों को अब नई टैरिटरी की जरूरत होगी, ऐसे में ये बाघ या तो किसी पुराने की बाघ की टैरिटरी पर कब्जा जमाने का प्रयास करेंगे या फिर नई जगह की तलाश में इन बाघों के जंगल से बाहर भी निकलने की आशंका भी रहेगी।

गांवों का विस्थापन है जरूरी

करीब 1213 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले सरिस्का बाघ परियोजना में करीब 26 गांव बसे हैं। वैसे तो इन सभी गांवों का विस्थापन सरिस्का प्रशासन की प्राथमिकता में हैं, लेकिन प्रारंभ में इनमें से 9 गांवों का विस्थापन जरूरी है। करीब एक दशक से ज्यादा समय से विस्थापन की प्रक्रिया चलने के बाद भी अब तक केवल तीन गांव ही पूरी तरह सरिस्का से विस्थापित हो पाए हैं। वर्ष 2008 से 11 के बीच हुए सर्वे में इन 9 गांवों के 973 परिवारों को विस्थापन के लिए चयनित किया गया था। इनमें से अब तक केवल 660 परिवार ही विस्थापित हो पाए हैं। शेष 313 परिवार अब तक सरिस्का में जमे हैं। सरिस्का बाघ परियोजना क्षेत्र में बसे 9 गांवों में से अब तक केवल तीन गांव उमरी, भगानी व रोटक्याला का पूरी तरह विस्थापन हो पाया है। अभी डाबली, सुकोला, कांकवाड़ी, क्रास्का, हरिपुरा व देवरी का विस्थापन लक्ष्य अधूरा ही है।

अभी 15 बाघ रहने को जगह

गांवों के पूरी तरह खाली नहीं होने के कारण वर्तमान में सरिस्का में बाघों की टैरिटरी के लिए जगह की कमी पड़ सकती है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में सरिस्का में 15 से ज्यादा बाघ रहने की जगह नहीं है। नए बाघों के लिए सरिस्का में नई जगह बनानी होगी। इसके लिए सरिस्का से गांवों का विस्थापन ही एक मात्र विकल्प है।

Lubhavan
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