सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद जल्दी समाप्त हो सकता है शाहजहांपुर किसान आंदोलन, किसानों ने दिए संकेत

दिल्ली-जयपुर हाइवे पर चल रहा किसान आंदोलन समाप्त हो सकता है, अगर किसानों को राहत की खबर मिल जाती है तो आंदोलन समाप्त किया जा सकता है।

By: Lubhavan

Updated: 12 Jan 2021, 01:28 PM IST

शाहजहांपुर. केन्द्र सरकार की ओर से पारित कृषि बिलों के विरोध में देशभर में आंदोलनरत किसानों द्वारा काले कानून को वापस लेने की मांग पर केन्द्र सरकार व किसान संगठनों की 9वें दौर की वार्ता भी विफल होने व दसवें दौर की वार्ता 15 जनवरी को निर्धारित होने के बीच सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय के दखल ने किसानों को राहत प्रदान करने का कार्य किया है। शाहजहांपुर किसान आंदोलन के सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो आज या कल बॉर्डर पर आंदोलन समाप्त हो सकता है।

सभा स्थल पर वक्ताओं ने न्यायालय द्वारा किसानों के ठंड में सडक़ों पर पड़े होने के बावजूद सरकार द्वारा निर्णय नहीं कर पाने पर आपत्ति बताते हुए जनहितार्थ दखल देने व शीघ्र आंदोलन को समाप्त करने के प्रयास का फैसला आने पर किसान संगठनों को राहत भरा संदेश बताया है। वहीं, किसानों के सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के न्यायलय में जाते समय दिल्ली पुलिस ने चाणक्यपुरी पुलिस थाना इलाके में रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने इंचार्ज की इजाजत के बिना आगे जाने से मना कर दिया। न्यायलय में किसानों के पक्षकार होने की बात की जानकारी देने के बावजूद उन्हें आगे जाने के लिए इंतजार करना पड़ा।

इधर, बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस की ओर से दिल्ली कूच पर जाते किसानों को बैरिकट लगाकर रोकने के बाद से हाइवे पर जमे किसानों के महापड़ाव से हरियाणा सीमा में हाइवे किनारे लगे पेट्रोलपंपों की बिक्री ठप हो गई। वहीं खेड़ा में खोखा संचालकों, चाय, टायर पंक्चर सहित अन्य सामान बिक्री के लिए खुली दुकानों का धंधा चौपट गया। धंधा चौपट होने को लेकर किसानों को हाइवे से हटवाने को बढ़ी तकरार के बीच राज्य प्रशासन ने संख्या बल बढ़ाते हुए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बॉर्डर पर तैनात किया है।

दिल्ली से जयपुर मार्ग की सर्विस लेन खोली

हाइवे पर दोनों लाइने बंद कर दिए जाने से वाहनों को डायवर्ट कर निकालने के प्रयास में गांवों की सडक़ों पर जाम की स्थिति बनने, मकानो के क्षतिग्रस्त होने व दुर्घटनाओं का अंदेशा बढ़ता जा रहा था। इस बीच ग्रामीणों के विरोध के बाद सोमवार को हरियाणा प्रशासन व किसान संगठनों के बीच हुई वार्ता के बाद दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को सर्विस लेन से निकालना शुरू कर दिया गया।

वैस्ट बंगाल से किसान सभा को संबोधित करने पहुंचे किसान नेता प्रवेशपाल ने केन्द्र सरकार द्वारा काले कानून लागू करने की कड़े शब्दों मे निंदा की। वहीं सभा को संबोधित करने वालों में पूर्व विधायक अमराराम जाट,राजाराम मील,पूर्व विधायक पवन दुुग्गल, पूर्व विधायक पेमाराम, समाजवादी नेता महेन्द्र यादव, बलबीरङ्क्षसह छिल्लर, सुरेश बघेला, कामरेड राजेन्द्रङ्क्षसह एडवोकेट,अमित कडवासरा शामिल थे। वहीं सभा स्थल पर गंगानगर से आए भामाशाह अशोक चांडक ने किसान आंदोलन स्थल पर रोटी पकाने वाली बढ़ी मशीन प्रदान की, जिसका किसान संयुक्त मोर्चा की ओर से आभार जताया गया।

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