यहां आचार संहिता का हो रहा था उल्लंघन, पत्रिका ने उठाया मुद्दा तो हटे स्टीकर, मुख्य प्रबंधकों को दिया नोटिस

यहां आचार संहिता का हो रहा था उल्लंघन, पत्रिका ने उठाया मुद्दा तो हटे स्टीकर, मुख्य प्रबंधकों को दिया नोटिस

Rajeev Goyal | Updated: 17 Jan 2018, 12:34:56 PM (IST) Alwar, Rajasthan, India

राजस्थान में उपचुनाव के बाद आचार संहिता लगने के बाद भी अलवर में रोडवेज बसों पर सरकारी योजनाओं का प्रचार हो रहा था।

अलवर. जिला निर्वाचन अधिकारी राजन विशाल ने सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों के बड़े-बड़े स्टिकर लगाकर आचार संहिता का उल्लंघन कर दौड़ रही रोडवेज बसों के मामले में रोडवेज के तीनों मुख्य प्रबंधकों को नोटिस जारी किया है।

जिसमें उन्होंने तीनों मुख्य प्रबंधकों से इस गंभीर लापरवाही का स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को रोडवेज अधिकारियों ने आनन-फानन में बसों पर चिपके सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों के स्टिकर हटवा दिए। गौरतलब है कि अलवर में आदर्श आचार संहिता के बावजूद रोडवेज बसों पर सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों के बड़े-बड़े स्टीकर चिपके हुए थे। इन पर मोटे-मोटे अक्षरों में सरकार की उपलब्धियां लिखी थी।

‘सोच नई-काम कई’ सहित मुख्यमंत्री का फोटो भी लगा हुआ है। ये बसें अलवर सहित पूरे जिले में लगातार दौड़ आचार संहिता का उल्लंघन कर रही थी। पत्रिका में समाचार के बाद रोडवेज अधिकारियों को बसों पर चिपके स्टिकरों की याद आई और आनन-फानन में स्टिकर हटवाए गए।

अस्पताल में भी चस्पा हैं पोस्टर

अलवर. रोडवेज बसों पर चिपके सरकार की उपलब्धियों के स्टिकर तो मंगलवार को हट गए, लेकिन जिले का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल अब भी सरकार का प्रचार कर रहा है। अस्पताल में सरकार की योजनाओं के पोस्टर व होर्डिंग्स अब भी लगे हुए हैं। इन पर मुख्यमंत्री का फोटो भी है। खास बात ये है कि जिले के सबसे बड़े इस सरकारी अस्पताल में रोजाना उपचार के लिए 3 से 5 हजार लोग आते हैं।

दिनभर अस्पताल में लोगों की आवाजाही लगी रहती है। इनमें ज्यादातर गरीब व मध्यम वर्गीय लोग होते हैं, जो सरकार की योजनाओं से सहज ही प्रभावित हो जाते हैं। अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी सहित चिकित्सक भी रोज आते हैं, लेकिन अब तक किसी ने आचार संहिता की पालना में इन पोस्टर व होर्डिंग्स को हटाने की जहमत नहीं उठाई है।

सरकारी राशन की रसीद पर भी ‘कमल’

सरकार की ओर से बीपीएल व अंत्योदय परिवारों को प्रतिमाह दिए जाने वाले गेहूं, केरोसिन आदि की रसीद पर भी कमल का फूल बना हुआ है। अधिवक्ता राकेश कुमार शर्मा ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। अधिवक्ता के अनुसार लोकसभा उपचुनाव में रसीद पर छपा कमल का फूल मतदाताओं को गुमराह कर सकता है।

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned