पत्थर से मार-मार कर अधेड़ श्रमिक की हत्या

पत्थर से मार-मार कर अधेड़ श्रमिक की हत्या
पत्थर से मार-मार कर अधेड़ श्रमिक की हत्या

Pradeep kumar yadav | Updated: 26 Aug 2019, 02:18:39 AM (IST) Alwar, Alwar, Rajasthan, India


मकान से लगते खाली भूखंड में मिला शव
और रक्त रंजित पत्थर

अलवर (टपूकड़ा). कस्बे के बाइपास स्थित प्रधान कॉलोनी में किराए पर रह रहे एक अधेड़ व्यक्ति की शनिवार देर रात अज्ञात लोगों ने पत्थर से मार-मार कर हत्या कर दी। रविवार सुबह मौके पर पहुंची टपूकड़ा पुलिस ने शव को सीएचसी की मोर्चरी में शव को पहुंचाया। पांच दिन पहले दिनदहाड़े बाजार में मिर्चूनी निवासी रज्जाक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। रविवार को फिर श्रमिक की हत्या कर दी गई।
टपूकड़ा थानाधिकारी राजीव डूडी ने बताया कि रविवार सुबह 10 बजे सूचना मिली कि प्रधान कॉलोनी के एक भूखंड में एक अधेड़ व्यक्ति का शव पड़ा है। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की। कॉलोनी में धनसिंह के मकान में किराए पर रहने वाले एक व्यक्ति की किसी ने भारी पत्थर से मार-मारकर हत्या कर दी थी। मकान से लगते खाली भूखंड में शव पड़ा था। जिसके माथे और अन्य अंगों पर पत्थर की चोट के निशान थे और करीब 10-15 किलो वजन का एक पत्थर खून से सना मृतक के पैरों के पास पड़ा मिला। प्रथम दृष्टया लग रहा था कि हत्या में इस पत्थर का प्रयोग किया गया है। पुलिस ने पत्थर को जब्त कर शव को कब्जे में लेकर टपूकड़ा सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया। मृतक के कमरे में तलाशी के दौरान मिले फोन नंबरों पर संपर्क साधा तो उसके बुआ के लड़के से बात हुई। मृतक की बुआ के लड़के के आने पर उसकी पहचान हुई। भुआ के लड़के ने बताया कि मृतक सदानंद शर्मा (40-45) पुत्र वेदनाथ शर्मा बागड़ी आशापुर आंचल रामगढ़ जिला कैमूर बिहार का निवासी है और एक माह से यहीं रहकर कंपनी में श्रमिक का कार्य कर रहा था। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच पड़ताल में लग गई। जांच पड़ताल में सहयोग के लिए अन्य थानों की पुलिस वहां पहुंची। समाचार लिखने तक हत्या के कारण व हत्यारे कितने थे आदि कुछ भी पता नहीं चल पाया है।


रिक्शे में पहुंचाया शव
गौरतलब है कि इसी हफ्ते हुई रज्जाक की हत्या में भी अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसी बीच कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिस द्वारा शव को एक सामान ढोने वाले रिक्शे में डालकर टपूकड़ा सीएचसी पहुंचाया गया जो कि मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है, जबकि यहां अस्पताल पर व प्राइवेट एंबुलेंस उपलब्ध हैं।


मकान मालिक के पास नहीं थी मृतक की आईडी
टपूकड़ा में आसपास की कंपनियों में काम करने वाले हजारों श्रमिक किराए पर मकान लेकर रह रहे हैं, लेकिन मकान मालिकों द्वारा उनकी पुलिस द्वारा पहचान नहीं कराई जाती और ना ही किराएदारों की आईडी वगैरह ली जाती है। जिससेकस्बे में आए दिन अपराध बढ़ रहा है।

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