अलवर में अब शिक्षक काम से बचने से ढूंढ़ रहे हैं ऐसे अजीब बहाने, जानें आप भी

अलवर में शिक्षक काम न करने के अलग-अलग बहाने ढूंढ़ रहे हैं।

By: Prem Pathak

Published: 16 May 2018, 03:57 PM IST

ग्रीष्मावकाश में शिक्षकों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 21 मई से प्रारम्भ होने वाले 6 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर की सफलता पहले ही खटाई में पड़ती नजर आ रही है। इन शिविरों में भाग लेने से बचने के लिए शिक्षक कई तरह के बहाने बना रहे हैं वहीं बहुत से शिक्षक संघ भी तेज गर्मी के चलते इन आवासीय प्रशिक्षण शिविरों को ही स्थगित करने की मांग पर अड़े हुए हैं जो लगातार इसके लिए सरकार को पत्र भेज रहे हैं।

शिक्षकों के लिए आवासीय प्रशिक्षण शिविर 21 मई से आयोजित किए जाएंगे जो 16 जून तक चलेंगे। यह शिविर जिला मुख्यायलय सहित सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर आयोजित किए जाएंगे। इसका नियंत्रण पांच सदस्यीय समिति के पास रहेगा जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी तीनों, डाइट प्रिंसीपल, रमसा व एसएसएस के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक होंगे। सरकार ने पहले तो इस शिविर में भाग लेने वालों के लिए सभी शिक्षकों को भाग लेना अनिवार्य किया था जिसमें अब परिवर्तन किया गया है। अब प्रथम चरण में एक वर्ष में नियुक्त शिक्षक, आदर्श व उत्कृष्ट विद्यालयों के शिक्षक भाग लेंगे। इसके बाद अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिविरों में सामाजिक अध्ययन, अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषय का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

शिविर में भाग लेने से कन्नी काट रहे शिक्षक

शिविर पूर्ण आवासीय होने के कारण अधिकतर शिक्षक इनमें भाग लेना ही नहीं चाहते हैं। यदि शिक्षकों को इसमें भाग लेना पड़े तो वे रात में वहा रुकना ही नहीं चाहते। शिक्षक अपनी बीमारी, घर में शादी होना, गर्मी सहन नहीं होना जैसे बहाने बनाकर प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। इसी प्रकार बहुत से शिक्षक जो शिविरों में मजबूरी में रुकेंगे, वे रात में वहां नहीं रुकने के लिए सामूहिक रूप से वाहन किराए पर प्रतिदिन आने व जाने की प्लानिंग कर रहे हैं।

इधर, एसएसए के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक मनोज शर्मा का कहना है कि प्रशिक्षण के लिए चयनित शिक्षकों को शिविर में भाग लेना आवश्यक है। शिविर में नहीं आने की छूट बिना उचित कारण के नहीं मिल सकेगी। इसके बाद भी शिक्षक शिविर में नहीं आए तो शिविर के दौरान का वेतन काटने के साथ ही आगामी वेतन बढ़ोतरी रोक दी जाएगी। इसी प्रकार पंचायती राज शिक्षक संघ के प्रवक्ता मुकेश मीणा का कहना है कि इतनी गर्मी में बिना पानी व कूलर के कैसे कोई शिविर में रह सकता है। यह शिविर इतनी गर्मी में पूर्ण आवासीय नहीं होने चाहिए।

Prem Pathak Reporting
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