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अलवर में हत्या का बढ़ रहा ग्राफ, हर माह पांच और 65 महीनों में हुए 360 मर्डर

अपराध की दृष्टि से अलवर बेहद क्रिटिकल हो चुका है। थानों में संगीन अपराधों की लम्बी फेहरिस्त दर्ज हो रही है। इन अपराधों की रोकथाम को लेकर पुलिस के प्रयास कमजोर साबित हो रहे हैं। जिससे अपराधियों को हौंसले बुलंद हैं।

अलवरJun 17, 2024 / 05:25 pm

Umesh Sharma

अलवर. अपराध की दृष्टि से अलवर बेहद क्रिटिकल हो चुका है। थानों में संगीन अपराधों की लम्बी फेहरिस्त दर्ज हो रही है। इन अपराधों की रोकथाम को लेकर पुलिस के प्रयास कमजोर साबित हो रहे हैं। जिससे अपराधियों को हौंसले बुलंद हैं। हत्या के ग्राफ को देखें तो पुलिस के आंकड़ें काफी चौंकाने और दहशत पैदा करने वाले नजर आते हैं। अकेले अलवर जिले में पिछले 65 महीनों में 360 मर्डर हुए हैं। इनमें ऐसे रहे, जिनसे जिले की कानून व्यवस्था भी बिगड़ी। पुलिस को इन मर्डर के खुलासे और अपराधियों को दबोचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, अलवर में कई ऐसे हत्याकांड भी हुए, जिनकी गुत्थी पहेली बन गई और पुलिस उन्हें नहीं सुलझा सकी।
हर महीने पांच से छह मर्डर हो रहे

अलवर जिले में हत्या के मामलों का ग्राफ बढ़ रहा है। हर महीने औसतन पांच से छह हत्या के मामले पुलिस थानों में दर्ज हो रहे हैं। वर्ष 2019 में पुराना अलवर जिला था, जिसमें से 15 अगस्त 2019 को भिवाड़ी नया पुलिस जिला बना दिया गया था। वर्ष-2019 में अलवर जिले में हत्या के 52 प्रकरण दर्ज हुए थे। भिवाड़ी पुलिस जिला बनने के बाद अकेले अलवर जिले में साल 2020 में 78 और साल 2021 में 74 हत्या के प्रकरण दर्ज हुए। साल-2023 में अगस्त में राज्य सरकार ने अलवर के टुकड़े कर खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ नए जिले बनाए दिए। इसके बार बानसूर, हरसौरा और नारायणपुर थाने कोटपूतली-बहरोड़ जिले में शामिल हो गए। इस साल अलवर में 66 मर्डर हुए। वहीं, साल-2024 में मई माह तक अलवर जिले में 24 हत्याएं हो चुकी हैं।
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हत्या की गुत्थी नहीं सुलझी तो कहीं मुल्जिम गिरफ्तार नहीं हुए

सदर थाना इलाके के पहाड़ीबास कारोली में बुधवार देर रात युवक शुभम के लव मैरिज करने पर उसके पिता सूरज और बड़े भाई रोबिन की दूसरे पक्ष ने लाठी और हथियारों से हमला कर हत्या कर दी। घटना के बाद से गांव में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रकरण में पुलिस मुख्य आरोपी दयाल सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं, लेकिन पुलिस अभी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। प्रकरण में पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया था, जिनमें कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। पूछताछ के बाद महिलाओं को अभी छोड़ दिया गया है। अन्य आरोपियों के बारे में अनुसंधान जारी है। वहीं, बानसूर के भूपसेड़ा गांव से महिला का अपहरण कर हत्या कर दी गई और शव को भर्तृहरि के जंगलों में फेंक दिया गया। घटना के कई दिन बाद पुलिस ने शव को बरामद किया, लेकिन हत्याकांड का खुलासा आज तक नहीं कर पाई। वहीं, मई-2016 में शहर के बस स्टैण्ड रोड पर दुकान में डिस्पोजल व्यापारी की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना को लेकर खूब आंदोलन हुआ, लेकिन ये मर्डर पुलिस के लिए आज तक अनसुलझी गुत्थी बना हुआ है।
जिले में हुए मर्डर के प्रकरण

साल-प्रकरण
2019-52
2020-78
2021-74
2022-63
2023-66
2024 मई तक-27

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