महाराष्ट्र में आरे जंगल की कटाई के बाद राजस्थान में यहां विकास के नाम पर बिना अनुमति काटे हजारों पेड़, जंगल हुआ साफ

Trees Cutting In Rajasthan : दिल्ली-मुंबई औधोगिक हाइवे पर बिना अनुमति के हजारों पेड़ काट दिए गए।

अलवर. Trees Cutting In Rajasthan : महाराष्ट्र में आरे ( Maharashtra Aarey Forest ) के जंगल में मेट्रो प्रोजेक्ट के नाम पर हजारों पेड़ काट दिए गए। ( Trees Cutting In Rajasthan ) सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद पेड़ों की कटाई रोकी गई, लेकिन तब तक लगभग सभी पेड़ काटे जा चुके थे, अब ऐसा ही एक मामला राजस्थान में सामने आया है। जहां विकास के नाम पर हजारों पेड़ काट दिए गए, अधिकारियों को जब पता चला, तब तक कई पेड़ साफ हो चुके थे। दरअसल, प्रदेश से गुजरने वाले ( Delhi-Mumbai Industrial Corridor ) दिल्ली-मुंबई औधोगिक कॉरिडोर हाईवे पर निर्माता कम्पनी ने हजारों पेड़ काट दिए। बड़ी बात यह रही कि घने जंगल में पेड़ काटे जाने के बाद जब मशीन सडक़ तक पहुंची तब जाकर लोगों की नजर पड़ी।

जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के मार्गाधिकार के अधिग्रहण का कार्य अलवर जिले में राजगढ़-रैणी सडक़ मार्ग पर चल रहा है। इसमें हाइवे निर्माता कम्पनी केसीसी बिल्डकॉन प्राईवेट लिमिटेड के कर्मचारियों ने पिछले कई दिनों से हजारों बड़े पेड़ों को बड़ी-बड़ी एलएनटी मशीनों से धराशाई कर दिया। जबकि अधिकारी इस बात से अंजान रहे। पेड़ काट रहे कर्मचारियों से काटने की अनुमति के बारे में पूछा गया तो वे जवाब नहीं दे पाए।

महाराष्ट्र में आरे जंगल की कटाई के बाद राजस्थान में यहां विकास के नाम पर बिना अनुमति काटे हजारों पेड़, जंगल हुआ साफ
IMAGE CREDIT: Patrika

पत्रिका में पेड़ काटे जाने की खबर सामने आने के बाद अधिकारियों की नींद खुली और उसके बाद पेड़ों की कटाई रोक दी गई, लेकिन तब तक हजार से अधिक पेड़ काट दिए गए थे। अलवर जिले के रैणी क्षेत्र के तहसीलदार रामधन महावर ने कहा कि पेड़ों की कटाई रोक दी गई है व पटवारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अब बिना स्वीकृति निर्माण कम्पनी को पेड़ काटने नहीं दिए जाएं। अब इस पूरी मामले में यही कहावत याद आती है कि अब पछतावे के होए, जब चिडिय़ा चुग गई खेत। यानी पेड़ काट दिए गए, जंगल उजाड़ दिया गया और अब अधिकारी पेड़ कटाई रोकने के दावे कर रहे हैं।

नीम, बबूल और पीपल के पेड़ काटे

जंगल में कटाई के दौरान कम्पनी के कर्मचारियों ने नीम, बबूल और पीपल के पेड़ काट दिए हैं। कटाई के बाद पूरे जंगल की तस्वीर बदल गई, जो जंगल कुछ दिन पहले तक हरा-भरा दिखता था, वहां अब समतल मैदान दिख रहा है।

Lubhavan
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