सरिस्का: एक साल से लापता बाघिन, प्रशासन केवल कागजों में कर रहा कार्रवाई

अलवर. सरिस्का बाघ परियोजना में बाघों की सेहत के प्रति फिक्रमंदों का टोटा दिखाई देता है। तभी तो एक साल से बाघिन एसटी-9 पूंछ में संक्रमण लिए घूम रही है।

By: Prem Pathak

Updated: 10 Feb 2018, 09:00 AM IST

बाघों के संरक्षण का फायदा भले ही आजमन को प्रत्यक्ष तौर पर नहीं दिखे, लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि दो बाघों को बचाने से करीब 520 करोड़ रुपए का लाभ होता है। इतना फायदा किसी भी इंडस्ट्रीज या सर्विस नहीं दे सकती।

बाघिन एसटी-9 को बचाने के उपाय कागजी

सरिसका क्षेत्र में बाघिन एसटी- 9 एक साल से ज्यादा समय से संक्रमित हालत में है। बाघिन की पूंछ में संक्रमण के चलते खून टपकने और जमीन पर देखे जाने की चर्चा पिछले दिनों खूब रही। संक्रमण के चलते बाघिन कमजोर अवस्था में पहुंचने से उसके जिंदा रह पाने का सवाल उत्पन्न होने लगा है, लेकिन करीब सवा साल में सरिस्का प्रशासन बाघिन को खोज कर ट्रंक्यूलाइज नहीं कर पाया है। हालांकि बाघिन को टं्रक्यूलाइज करने के लिए दो बार जयपुर से वन्यजीव चिकित्सकों की टीम सरिस्का बुलाई गई, लेकिन कार्रवाई कागजी ही रही। गत महीने भी तीन दिन तक टीम सरिस्का में रही, लेकिन बाघिन को टंक्यूलाइज नहीं कर पाई। इतना ही नहीं बाघिन की रेडियो कॉलर भी खराब होकर गिर चुकी है। इससे बाघिन के अलोप होने की आशंका भी जताई जा रही है।

पहले भी हो चुका बाघों का सफाया

सरिस्का में पहले भी बाघों का सफाया हो चुका है और एक बाघ को जहरीला पदार्थ देकर मौत के घाट उतारा जा चुका है। इसके बाद भी सरिस्का प्रशासन बाघों के संरक्षण को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं दिखता। यही कारण है कि एक बाघिन को सरिस्का में समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है और वह मौत के मुंह में समाने को मजबूर है।

बायोडायवर्सिटी बनाने में मददगार

भोपाल स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन मैनेजमेंट के प्रोफेसर मधु वर्मा के मुताबिक भारत के टाइगर रिजर्व केवल दुनिया के आधे बाघों को पनाह ही नहीं देते, बल्कि ये बायोडायवर्सिटी को बनाए रखने में भी मददगार होते है। इससे इकोनॉमिक, सोशल और कल्चरल फायदे भी होते हैं।

एक बाघ से करीब 356 गुना लाभ

जैव वैज्ञानिकों के अनुसार एक बाघ से लगभग 2.19 करोड़ रुपए का पारिस्थितिक लाभ होता है। वैज्ञानिक इसे एक तरह का ब्याज बताते हैं, शोध के अनुसार बाघों पर होने वाले खर्च का 356 गुना तक अप्रत्यक्ष लाभ हमें मिलता है।

Prem Pathak Reporting
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