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दो सेंचुरी एरिया बनने को तैयार, पर्यटन को लग सकते हैं पंख

सरिस्का में दो सेंचुरी एरिया बनने को तैयार है। यहां टाइगर और पैंथरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनके लिए अब सरिस्का का कोर एरिया छोटा पड़ने लगा है। टाइगर और पैंथर कोर एरिया से बाहर निकल बफर जोन में अपनी नई टेरेटरी बना रहे हैं।

अलवरJun 17, 2024 / 06:08 pm

Umesh Sharma

अलवर.

सरिस्का में दो सेंचुरी एरिया बनने को तैयार है। यहां टाइगर और पैंथरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इनके लिए अब सरिस्का का कोर एरिया छोटा पड़ने लगा है। टाइगर और पैंथर कोर एरिया से बाहर निकल बफर जोन में अपनी नई टेरेटरी बना रहे हैं। भविष्य की संभावनाओं को देखें तो यहां पर्यटन विकास को पंख लग सकते हैं।
सरिस्का में कुल क्षेत्रफल 1213.34 वर्ग किलोमीटर है। जिसमें 881.11 वर्ग किलोमीटर कोर एरिया ओर 332.23 वर्ग किलोमीटर बफर एरिया शामिल हैं। सरिस्का में 43 बाघ-बाघिन हो चुके हैं, जिनमें 18 शावक शामिल हैं। वहीं, पैंथरों की संख्या 200 के पार पहुंच चुकी है। अन्य वन्यजीवों की भी बड़ी तादाद है। कई बाघ और पैंथर सरिस्का के कोर एरिया को छोड़ बफर एरिया बालाकिला, बीघोता, अजबगढ़, मानाबास, सिलीसेढ़, तालवृक्ष, टहला और जमवारामगढ़ में मूवमेंट कर रहे हैं। अपनी नई टेरेटरी तैयार कर रहे हैं। एसटी-19 अपने तीन शावकों के साथ सरिस्का बफर एरिया में रह रही है। वहीं, टाइगर एसटी-18, एसटी-02 और एसटी-2303 ने भी बफर जोन में अपना ठिकाना जमा लिया है।
टाइगर से खतरा भांप भाग रहे बफर जोन में

सरिस्का के कोर एरिया में टाइगर की संख्या बढ़ने से पैंथर खतरा भांप रहे हैं। इसके चलते पैंथर यहां से निकल बफर एरिया की तरफ ठिकाना बना रहे हैं। पैंथर बफर एरिया को सुरक्षित मान रहे हैं। अपनी टेरेटरी बना रहे हैं। सरिस्का के बफर जोन बालाकिला, बीघोता, अजबगढ़, मानाबास, सिलीसेढ़, तालवृक्ष और टहला और जमवारामगढ़ में पैंथरों की संख्या पिछले कुछ सालों में काफी बढ़ी है।
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कोर और बफर दोनों एरिया में सफारी

निकट भविष्य में सरिस्का में दो सेंचुरी एरिया और पर्यटन विकास की संभावना को सरकार भी देख रही है। पिछली कांग्रेस सरकार में सरिस्का के बफर एरिया में जंगल सफारी के लिए नए रूट तैयार किए गए थे। फिलहाल सरिस्का के कोर और बफर दोनों एरिया में जंगल सफारी के लिए जिप्सी चल रही हैं। दोनों एरिया में देसी-विदेशी पर्यटक सफारी के लिए आ रहे हैं। इन दोनों एरिया में टाइगर और पैंथर की साइटिंग होने से पर्यटन को बढ़ाना मिलेगा।
स्नैक पार्क भी हो सकता है विकसित

वाइल्ड लाइफ से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सरिस्का के बफर एरिया बालाकिला क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के सांप और गोहरों की संख्या काफी अधिक है। वहीं, शहर व आसपास से पकड़े जाने वाले सांपों को भी बालाकिला क्षेत्र में ही छोड़ा जा रहा है। यदि सरकार ध्यान दे तो यहां स्नैक पार्क भी विकसित हो सकता है।

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