अलवर में पाताल में पहुंचा पानी, हजारों फीट नीचे खोदकर निकाल रहे पानी, हो रहा आम जनता का नुकसान

Dharmendra Yadav

Publish: Feb, 15 2018 11:34:01 AM (IST)

Alwar, Rajasthan, India
अलवर में पाताल में पहुंचा पानी, हजारों फीट नीचे खोदकर निकाल रहे पानी, हो रहा आम जनता का नुकसान

अलवर का जलस्तर लगातार गिर रहा है लेकिन इसके बावजूद यहां अवैध बोरिंग पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा।

अलवर. शहर में पानी का स्तर पाताल तक पहुंच गया है, फिर भी लोग नियमों का उल्लंघन कर खुलेआम बोरिंग खोद रहे हैं। हालात यह है कि एक ओर जलदाय विभाग को लोगों को सप्लाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है, जबकि जिले भर में अवैध तरीके से बोरिंग खोदे जा रहे हैं।

शहर में जलदाय विभाग ने बीते दिनों 19 ट्यूबवैल खोदे हैं, इनमें से सात सूखे निकल गए। जबकि निजी ठेकेदार अवैध तरीके से बोरिंग खोदकर उससे पानी बेच रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार कार्रवाई के प्रति मौन साधे हैं।
अलवर शहर में 180 से 215 फीट पर पहली जलधारा मिलती है, वहीं 450 से 550 फीट पर पर्याप्त पानी मिलता है।इसी तरह अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के गांवों में 300 से 350 फीट पर पानी मिलता है। जबकि उमरैण पर पानी का स्तर उपर हैं। बहरोड़ में 500 फीट पर पानी मिलता है। राजगढ़ में ज्यादा हालत खराब हैं। राजगढ़ में 1200 व 1300 फीट पर पानी मिलता है। किशनगढ़बास में 400 से 500 फीट, खैरथल में 600 से 700 फीट भूजल स्तर है। जबकि रामगढ़ में 350 फीट व कठूमर 300 से 400 फीट पर पानी मिल जाता है। लेकिन इन दोनों जगहों का पानी पीने योग्य नहीं है। कठूमर का पानी खारा है व पीने योग्य नहीं है। इसके बाद भी खुलेआम लोग टयूबवैल खोद रहे हैं। जबकि जलदाय विभाग को पानी नहीं मिल रहा है।

जलदाय विभाग को 42 टयूबवैल खोदने की अनुमति मिली थी। इसमें से 14 ट्यूबवैल सिलीसेढ़ व तूलेड़ा क्षेत्र में खोदे जाते हैं। जबकि 28 ट्यूबवैल शहर में खोदे जाते हैं। 4 ट्यूबवैल विधायक कोटा व 4 टयूबवैल पुरानी स्वीकृति मिली हुई है। जलदाय विभाग की तरफ से अब तक 19 ट्यूबवैल खोदे गए हैं। इनमें से 7 ट्यूबवैल में पानी नहीं मिला। जबकि शहर में निजी लोगों ने जगह जगह टयूबवैल खोद रखे हैं व इन लोगों की तरफ से खुलेआम लोगों को पानी बेचा जा रहा है। दिल्ली रोड स्थित एक होटल के सामने सडक़ के पास एक टयूबवैल खुदा हुआ है। इससे लोगों को पानी बेचा जाता है। इसी तरह के हालात शहर के विभिन्न हिस्सों के हैं, लेकिन इस तरफ किसी का कोई ध्यान नहीं है।

ट्यूबवैल के लिए लेनी पड़ती है अनुमति

ट्यूबवैल खोदने के लिए जिला कलक्टर से अनुमति लेनी होती है। जिला स्तर पर एक समिति बनी हुई है। इसमें एसडीएम, थाना प्रभारी, जलदाय विभाग, भूजल विभाग सहित अन्य शामिल होते हैं। जिला कलक्टर को आवेदन देना पड़ता है। उसके बाद समिति की तरफ उसका सत्यापन कराया जाता है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर ट्यूबवैल खोदने की अनुमति दी जाती है।

 

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