Video : #Falaharimaharaj यौन शोषण केस : एक और युवती पर थी बाबा की बदनजर, कहा तुम्हारा फिगर भी अच्छा कर देंगे

Video :  #Falaharimaharaj यौन शोषण केस : एक और युवती पर थी बाबा की बदनजर, कहा तुम्हारा फिगर भी अच्छा कर देंगे
falaharis maharajs eye on Another maiden

Rajeev Goyal | Updated: 22 Sep 2017, 06:57:18 AM (IST) Alwar, Rajasthan, India

हम तुम्हे एेसी जड़ी-बूटी देंगे, जिससे तुम्हारा फिगर भी अच्छा हो जाएगा। बाबा ने कहा कि तुम्हारा जो पुत्र होगा, वह हमारे जैसा होगा।

अलवर.

मधुसूदन आश्रम के फलाहारी कौशलेन्द्र प्रपन्नाचार्य की बिलासपुर निवासी जयपुर की विधि छात्रा के साथ-साथ एक और युवती पर बदनजर थी। विधि छात्रा की आेर से दर्ज कराई रिपोर्ट में इसके संकेत मिले हैं।

 

रिपोर्ट में बताया गया है कि बाबा ने अश्लील हरकतों के दौरान उससे दूसरी युवती का जिक्र किया। बाबा ने कहा कि उस युवती का फिगर तुमसे अच्छा है। हम तुम्हे एेसी जड़ी-बूटी देंगे, जिससे तुम्हारा फिगर भी अच्छा हो जाएगा। बाबा ने कहा कि तुम्हारा जो पुत्र होगा, वह हमारे जैसा होगा। उन्होंने अपने कक्ष में लगे फोटो की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह देखो हमारा जवानी का फोटो। अब तो हम बूढ़े हो गए हैं। पहले जैसे जवान होते तो बात अलग थी, लेकिन तुम चिंता मत करो। हमारे पास जड़ी-बूटियां हैं।

 

हर बार बदलकर बंटता है प्रसाद


मधुसूदन आश्रम में वैंकटेश भगवान की आरती के बाद हर बार भक्तों को बदलकर प्रसाद मिलता है। आश्रम में छह बार आरती होती है और हर बार बदल-बदलकर भक्तों को प्रसाद दिया जाता है।

 

भक्तों ने बनाई दूरी


फलाहारी बाबा के यौन शोषण के आरोप में घिरने के बाद मंदिर से भक्तों ने दूरी बना ली है। आश्रम के सभी लोग खौफजदा है। उन्होंने चुप्पी साध ली हैं, लेकिन मंदिर में रोजाना की भांति कार्यक्रम चल रहे हैं। गुरुवार को भी मंदिर में रोजाना की भांति कार्यक्रम चले, लेकिन इनमें भक्तों की संख्या नाममात्र की रही।

 

कानपुर के रहने वाले है फलाहारी बाबा


पुलिस ने बताया कि फलाहारी महाराज मूलत: कानपुर (यूपी) के रहने वाले हैं। इनका अधिकांश समय शिक्षा-दीक्षा व ज्ञान में अयोध्या में बीता। १९८८ में फलाहारी महाराज अलवर आए और कुछ सालों तक नारायणी धर्मशाला में रहे। इसके बाद इन्होंने कालाकुआं में आश्रम बनाया।

 

बाबा के कमरे को किया सील


घटना के बाद पुलिस ने फलाहारी बाबा के कमरे को सील कर दिया है। कमरे के बाहर ही बाबा का सिंहासन भी लगा हुआ है, जिस पर बैठकर वे लोगों को प्रवचन देते थे। पुलिस के अनुसार बाबा ने युवती को अपने कक्ष में बुलाया था, जहां उन्होंने उससे अश्लील हरकतें की। कमरे की गहनता से जांच में मामले से जुड़े कुछ साक्ष्य मिल सकते हैं।

 

... तो 13 को यात्रा पर निकल जाता बाबा


युवती से यौन शोषण के आरोप में घिरे फलाहारी महाराज तबीयत बिगडऩे के कारण अलवर में रुके। बाबा के शिष्यों ने बताया कि महाराज को १३ सितम्बर को यात्रा पर बिहार जाना था। लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे नहीं गए। २० सितम्बर को यह मामला हो गया। बीपी बढऩे एवं बुखार आने पर बाबा को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

 

बाबा ने थानेदार से कहा- कभी आश्रम आओ


यौन शोषण का मामला दर्ज होने से अस्पताल में भर्ती बाबा की धड़कनें बढ़ गई हैं। गुरुवार को बाबा के स्वास्थ्य की जानकारी लेने अस्पताल पहुंचे अरावली विहार थाना प्रभारी से बाबा ने कहा कि आप नए आए हैं। कभी आश्रम आओ। आपसे पहले के थानेदार आश्रम आते थे। आप कभी नहीं आए। उन्होंने थाना प्रभारी को पूर्व के कुछ थानेदारों के नाम भी गिनाए।

 

सरकारी अफसरों का तबादला कराते तो किसी को अफसर बनाते


रामानुजाचार्य कौशलेन्द्र प्रपन्नाचार्य फलाहारी सरकारी अफसरों का तबादला कराने में भी महारथ रखते हैं। ये राजनीतिक रूप से अपना हस्तक्षेप रखते रहे हैं। अलवर के वर्षों से जमें कई प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी इनके आश्रम में प्रतिदिन आते रहे हैं। इनका यहां आए दिन आना इनकी दिनचर्या में शामिल हो गया है।अलवर मूल के रहने वाले कई प्रशासनिक अधिकारी इनके बल पर अपना तबादला कराने में सफल रहे हैं। बाबा के कई मंत्रियों से सीधे सम्पर्क में होने का लाभ ये उठाते रहे हैं। ये बहुत से युवक और युवतियों को प्रशासनिक व अन्य सेवाओं में साक्षात्कार में पास कराने की बात कहते रहे हैं। अलवर में कई प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, राजनेता और उद्योपगति इनके बड़े शिष्यों में गिने जाते रहे हैं।

 

ब्याज पर चल रहा करोड़ों का करोबार!

यौन शोषण प्रकरण में फलाहारी बाबा का नाम सामने आने के बाद इनके और कई कारनामें सामने आ रहे हैं। पुलिस को यह जानकारी मिली है कि रामकिशन कॉलोनी आश्रम से अलवर शहर में महिलाओं को ब्याज पर रकम देने का कारोबार भी चलता था। पुलिस को यह सुराग मिला है कि बाबा फलाहारी के कई शिष्य यहां प्रतिदिन आने वाली महिला व पुरुष शिष्यों में से कुछ को ब्याज पर पैसे देते थे। यह काम अलवर में कई व्यवसायी भी करते थे जो बाबा का पैसा बाजार में ब्याज पर लेकर चलाते थे। इसके बदले में शिष्यों को जेवरात या एडवांस चेक देना होता है।

 

बाबा के अलवर शहर में ६ व्यवसायी इस कारोबार को संभाले हुए हैं जो वर्षों से बाबा के शिष्य हैं। इस ब्याज की दर लोगों की आवश्यकता के अनुसार तय होता है। यदि किसी को अधिक आवश्यकता है तो ब्याज के रेट बढ़ सकता है। यह कारोबार विशेषकर महिलाओं तक अधिक फैला हुआ है। ब्याज का यह कारोबार करोड़ों में है। शहर में कई एेसी महिलाएं हैं जो ब्याज अधिक होने पर अपनी मूल रकम भी नहीं चुका पाती है जिसके कारण उनके जेवरात छुड़ा नहीं पाती है और उनके जेवरात हमेशा के लिए जब्त हो जाते हैं। इस कारोबार में महिलाएं ही एेसी जरूरतमंद महिलाओं को पकड़ कर लाती हैं जिन्हें रुपयों की आवश्यकता होती है। ब्याज पर रकम देने का यह कारोबार वर्षों पुराना है।

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