अलवर शहर में खेतों के पानी से लाखों की अवैध कमाई!, बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ते हैं 200 से 300 टैंकर

अलवर शहर में खेतों के पानी से लाखों की अवैध कमाई!, बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ते हैं 200 से 300 टैंकर

Hiren Joshi | Updated: 04 Jun 2019, 05:34:15 PM (IST) Alwar, Alwar, Rajasthan, India

अलवर में पानी की कालाबजारी हो रही है। टैंकर मालिक खेतों से पानी भरकर बेच रहे हैं।

अलवर. भीषण गर्मी में नल कनेक्शनधारी उपभोक्ता प्यासे रहने को मजबूर हैं लेकिन टैंकर हर दिन लाखों लीटर पानी अवैध तरीके से गैर कनेक्शनधारी लोगों के घरों में पहुंचा रहे हैं। इतना ही नहीं ज्यादातर पानी के टैंकर बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रहे हैं, लेकिन न प्रशासन और न ही कभी जलदाय विभाग ने इनकी जांच की। गर्मी बढऩे के साथ ही पानी की समस्या गहराने लगी है। जलदाय विभाग के बोरवैल पानी छोडऩे लगे हैं, जिससे घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से लोग सडक़ों पर आंदोलन को मजबूर हैं। गड़बड़ाती पेयजल सप्लाई से परेशान उपभोक्ताओं एक ही जवाब मिलता है कि इन दिनों पानी की मांग ज्यादा है और उत्पादन कम।

शुद्धता की अभी तक जांच नहीं

अलवर शहर में ज्यादातर क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति टैंकरों पर निर्भर है। अकेले अलवर शहर में ही पानी सप्लाई करने वाले टैंकरों की संख्या 200 से 300 के बीच है। पानी सप्लाई के नाम चलने वाले टैंकरों के लिए न कोई नियम है और न ही कोई कानून। किसी विभाग ने यह जांच भी नहीं की कि लोगों के घरों तक महंगे दामों में पहुंच रहा पानी कितना शुद्ध है। इन टैंकरों की जांच की बात तो दूर ज्यादातर टैंकर संचालकों ने किसी भी सरकारी विभाग में पानी सप्लाई के लिए रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया। जबकि पानी की बिक्री भी खाद्य पदार्थों की श्रेणी में आती है और खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए सरकार की ओर से कई नियम बनाए हुए हैं।

इतना ही नहीं टैंकर संचालक पानी भी अवैध तरीके से भरकर बेच रहे हैं। ज्यादातर टैंकर संचालक कृषि कनेक्शन के नाम पर लगी बोरिंग से पानी भरकर बेच रहे हैं। जबकि कृषि कनेक्शन की बोरिंग से पानी भरना और टैंकरों से सप्लाई करना, दोनों अवैध हैं। कृषि कनेक्शन मुख्यत: कृषि कार्य के लिए होता है और यहां से पानी बेचना गैर कानूनी है। यह गैर कानूनी कार्य ज्यादातर साठ फीट रोड एवं जयपुर रोड स्थित कृषि कनेक्शनों पर होता है, लेकिन किसी भी विभाग ने अब तक इनकी जांच नहीं की।

गर्मी में पेयजल संकट के कारण ज्यादातर लोगों को टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। अलवर शहर में 3500 से 5000 लीटर क्षमता के पानी के टैंकर है। टैंकर संचालकों की ओर से पानी की दर भी निश्चित नहीं है। यही कारण है कि गर्मी में बढ़ती मांग को देखते हुए टैंकर संचालक प्रति टैंकर 500 से 600 रुपए तक वसूलने से गुरेज नहीं कर रहे। हर रोज शहर में लाखों लीटर पानी बेचकर टैंकर संचालक मोटी रकम कमा रहे हैं, जबकि रजिस्ट्रेशन के अभाव में सरकार को राजस्व नहीं मिल रहा।

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