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गरीब परिवारों के लिए सोने के आभूषण पहनना अब बन गया सपना…पढ़ें यह न्यूज

सोने-चांदी के भावों ने शादियों का बिगाड़ा बजट, महंगाई के चलते सीमित मात्रा में बनवा रहे आभूषण
निर्धनों से दूर हुआ सोना, पांच साल में दामों में 120 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी।

अलवरJul 05, 2024 / 08:22 pm

Ramkaran Katariya

कठूमर. जुलाई माह में फिर शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। भडल्या नवमी के अबूझ सावे के साथ आधा दर्जन सावों में नए जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। सावों को देखते हुए सुनारों की दुकानों पर भीड़ तो है, लेकिन सोने-चांदी के भावों में तेजी ने लोगों का शादी का बजट बिगाड़ कर रख दिया है।
शादी-विवाहों में सोने-चांदी के गहनों का अलग ही महत्व है। छोटे बजट शादी हो या बड़े बजट की, सभी शादियों में सोने-चांदी जेवरों के लिए अलग से बजट रखा जाता है, लेकिन कुछ सालों में सोने -चांदी के भावों में लगातार वृद्धि होने से शादियों का बजट बिगड़ने लगा है। ंअब लोग आभूषणों को वजन में हल्का रखने के साथ इनकी संख्या भी कम कर रहे हैं। निर्धन परिवारों के लिए सोने के आभूषण पहनना अब सपना बन गया है।
हर परिवार में शादियों में किए जाने वाले खर्च का मद अलग-अलग फिक्स कर दिया जाता है। लड़की को दिए जाने वाले विभिन्न आभूषणों के लिए राशि प्रारंभ से ही इकठ्ठी की जाती थी, लेकिन अब कई सालों से सोने-चांदी में अप्रत्याशित तेजी से न केवल शादी वाले परिवारों का बजट बिगड गया है, बल्कि मां-बाप अपनी लाडली को दिए जाने वाले आभूषणों में कटौती करने व बजन भी कम करने को मजबूर हो गए हैं।
एक दशक से हो रही इजाफा

दस सालों में जेवराती सोने का भाव देखा जाए तो 2014 में 26 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम का भाव था, जो 2019 तक यानि पांच साल में केवल सात हजार रुपए प्रति दस ग्राम बढ़ा था, लेकिन अगले पांच साल अर्थात 2024 तक सोने के भावों को देखा जाए तो 120 प्रतिशत की तेजी आई है। सोना 72 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। ऐसे में गरीब परिवारों की पहुंच से सोना बाहर होता चला गया और इन परिवारों की बच्चियों ने सोने के आभूषण पहनने का सपना भी छोड़ दिया। मध्यम वर्ग के परिवार भी अपना बजट नाक, कान, गला व अंगुठी तक सीमित करने लगे हैं। सोना में सबसे ज्यादा अप्रत्याशित महंगाई 2019 से 2020 के बीच में आई। सोना 2019 में 33 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो जबरदस्त उछलकर 2020 में 48 हजार तक पहुंच गया। चांदी का भाव 2017 में 39 हजार रुपए प्रति किलो था और 2024 में जेवराती चांदी का भाव 95 हजार रुपए प्रति पहुंच गया। चांदी के जेवर भी अब गरीब परिवारों को भारी पड़ रहा है।
आमजन ने यूं दी अपनी राय….बोले, गहने खरीदने से कर रहे परहेज

सिप्पी सोनी का कहना है कि सोने-चांदी के भाव लगातार आसमान छूने से मध्यम वर्गीय परिवार ज्यादा गहने बनवाने या खरीदने से परहेज रख रहे हैं। शादियों में जरूरी जेवर जो भी वजन में कम रख कर बनवा रहे हैं। गत साल की तुलना में सोना 2024 में 10-12 हजार तथा चांदी 18-20 हजार प्रति ग्राम बढ़ गई।
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आभूषणों में कटौती करनी पड़ रही है

हरिया राम सोनी का कहना है कि सोने-चांदी के दामों में भारी वृद्धि होने के चलते अब शादी को लेकर परिवार अब जेवर बनबाने में सोचने लगे हैं। भावों में भारी बढ़ोतरी के चलते शादियों का बजट काफी बिगड़ गया है, जिसके चलते उन्हें सोने-चांदी के आभूषणों में कटौती करनी पड़ रही है और लोग शादी के अन्य खर्च में भी भारी कटौती करने को मजबूर हैं।
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आभूषणों की सोच नहीं सकते

मोतीलाल बजाज का कहना है कि सोने-चांदी के दामों में भारी वृद्धि के चलते शादियों के आभूषणों में कटौती करनी पड़ रही है। अब भी शादी के बजट का काफी भाग जेवरों पर खर्च करना पड़ता है, जो हर किसी के बस में नहीं रहा है। गरीब परिवार अब सोने के आभूषणों की सोच नहीं सकते।

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