यहां अधिकारी मेहरबान, बगैर कार्य किए ही कर दिया लाखों का भुगतान, जानिए क्या है मामला

यहां अधिकारी मेहरबान, बगैर कार्य किए ही  कर दिया लाखों का भुगतान, जानिए क्या  है मामला

Rajeev Goyal | Updated: 03 Dec 2017, 10:31:40 AM (IST) Alwar, Rajasthan, India

अलवर के गोविन्दगढ़ में स्टेट हाईवे पर पेच मरम्मत कार्य के दौरान सडक़ पर गिट्टी डलने से पहले ही 7 लाख का भुगतान कर दिया।

सरकारी कर्मियों की कारगुजारी का कोई सानी नहीं, तभी तो सडक़ पर एक भी गिट्टी नहीं डली और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने करीब सात लाख रुपए की सडक़ का निर्माण पूर्ण बता भुगतान कर दिया। इतना ही नहीं छोटे से काम के लिए महीनों तक चक्कर लगवाने के आदी कर्मियों ने इस मामले में इतनी दरियादिली दिखाई कि केवल दो दिन में कार्य को पूरा करा माप भी कर दी और भुगतान तक कर दिया। मामले का खुलासा सहायक अभियंता के चार्ज हस्तांतरण के दौरान एमबी (मेजरमेंट बुक) के अवलोकन पर हुआ। मामला गोविन्दगढ़ में स्टेट हाईवे पर पेच मरम्मत कार्य से जुड़ा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस मार्ग पर पेचवर्क कार्य का 12 अक्टूबर को 10 लाख 78 हजार 313 रुपए का वर्कऑर्डर दिया। कार्य को तीन माह में पूरा करना था, लेकिन दो दिन बाद ही 14 अक्टूबर को अधिकारियों ने इस कार्य को पूरा मान माप करा भुगतान कर दिया। जबकि इस अवधि में मार्ग पर केवल मिट्टी ही डली थी।

यूं की गड़बड़ी


विभाग ने अधिकारियों ने एमबी में कांटछांट कर गड़बड़ी की। दरअसल, विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने मिट्टी डलने के बाद माप कर 4 लाख 83 हजार 794 रुपए का प्रथम रनिंग बिल प्रस्तुत किया, जिस पर सहायक अभियंता ने हस्ताक्षर कर उसे भुगतान के लिए खण्ड कार्यालय भेजा।
यहां अधिकारियों ने मिलीभगत कर एमबी में 6 लाख 2 हजार 212 तथा 1 लाख 11 हजार रुपए की दो एंट्रियां जोड़ बिल को करीब 11 लाख का बना दिया। बाद में करीब 27 प्रतिशत टीपी काट संवेदक को 10 लाख 3 हजार 606 रुपए का भुगतान कर दिया।

जांच में खुली कई


मामले का खुलासा अतिरिक्त मुख्य अभियंता के आदेश पर कराई जांच में हुआ। अधिशासी अभियंता खण्ड द्वितीय की ओर से की गई जांच में उक्त कार्य मौके पर होना नहीं पाया गया। इसके बाद अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर प्रकरण की अपने स्तर पर जांच कर वस्तुस्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।

 

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