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अटका रेडियोथैरेपी यूनिट का काम, भटकने को मजबूर हैं मरीज

जिला अस्पताल में कैंसर रोगियों के इलाज के लिए बनने वाली रेडियोथैरेपी यूनिट का कार्य वित्तीय स्वीकृति के अभाव में करीब ढाई साल से अटका हुआ है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान 2 दिसंबर 2021 को जिला अस्पताल में रेडियोथैरेपी यूनिट बनाने की घोषणा की गई थी।

अलवरJun 17, 2024 / 05:16 pm

Umesh Sharma

अलवर.

जिला अस्पताल में कैंसर रोगियों के इलाज के लिए बनने वाली रेडियोथैरेपी यूनिट का कार्य वित्तीय स्वीकृति के अभाव में करीब ढाई साल से अटका हुआ है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान 2 दिसंबर 2021 को जिला अस्पताल में रेडियोथैरेपी यूनिट बनाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने रेडियोथैरेपी यूनिट के निर्माण और जगह का निर्धारण करने और कार्ययोजना तैयार कर राज्य सरकार को भिजवाने के लिए एक कमेटी का गठन किया था। यही नहीं जगह निर्धारित होने के बाद निर्माण का एस्टीमेट तैयार कर स्वीकृति के लिए सरकार को भिजवाया दिया गया, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद अब पूरा मामला ठंडे बस्ते में जाता हुआ दिखाई दे रहा है।
करीब 32 करोड़ की लागत से बननी थी यूनिट

रेडियोथैरेपी यूनिट शुरू करने के लिए करीब 32 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसमें से करीब 1.36 करोड़ रुपए की लागत से भवन निर्माण और करीब 20 करोड़ रुपए की अत्याधुनिक लीनियर एसिलेटर रेडियोथैरेपी मशीन लगाई जानी थी। इसके लिए करीब 320 स्क्वायर मीटर भूमि की जरूरत थी। इसके लिए टीबी क्लीनिक के समीप वर्ष 1972 में बने पुराने आइसोलेशन भवन सहित उसके समीप की जगह को चिन्हित किया गया था। अस्पताल प्रशासन की ओर से इसका प्रस्ताव सरकार को भिजवाने के बाद जयपुर से आए रेडियोथैरेपी यूनिट के अधिकारियों ने जगह का निरीक्षण कर सहमति प्रदान की। इसके बाद मशीन के बंकर की अप्रूवल भी पास हो गई, लेकिन बजट स्वीकृति के फेर में सारा मामला अटक कर रह गया।
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85 प्रतिशत मरीजों को रेडियोथैरेपी की जरूरत

जानकारी के अनुसार कैंसर के करीब 85 प्रतिशत से अधिक मरीजों को रेडियोथैरेपी की जरूरत होती है, लेकिन जिला अस्पताल में यह सुविधा नहीं होने से मरीजों को इलाज के लिए रैफर किया जाता है। ऐसे में यदि स्थानीय स्तर पर ही रेडियोथैरेपी यूनिट शुरू हो तो मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा। विशेषज्ञों के अनुसार रेडियोथैरेपी यूनिट में लगने वाली लीनियर एसिलेटर रेडियोथैरेपी मशीन की खास बात यह है कि इससे केवल कैंसर की जगह पर ही रेडियोथैरेपी होती है और ये शरीर के दूसरे अंगों को प्रभावित नहीं करती है। मरीज के इलाज के दौरान इससे केवल कैंसर के टारगेट पर ही सेक होता है। इसके कारण शरीर के अन्य अंगों पर इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।

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