चुनावी साल में जागी हरियाणा सरकार, खिलाडिय़ों के लिए बदलेंगे नियम, अब खिलाडियों को इस आधार पर मिलेगी नौकरियां

चुनावी साल में जागी हरियाणा सरकार, खिलाडिय़ों के लिए बदलेंगे नियम, अब खिलाडियों को इस आधार पर मिलेगी नौकरियां

Prateek Saini | Publish: Nov, 10 2018 02:16:26 PM (IST) Ambala, Ambala, Haryana, India

हरियाणा सरकार की नई खेल नीति को मंजूरी मिलने के बाद खिलाडिय़ों से नौकरी के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं...

(अंबाला): खिलाडिय़ों को सम्मानित करने व नौकरी न दिए जाने के मुद्दे पर चौतरफा फजीहत के बाद प्रदेश सरकार अब जाग गई है। सरकार ने राज्य के खिलाडिय़ों को खेल कोटे से सरकारी नौकरी प्रदान करने की नीति को अमली रूप देने की तैयारी कर ली है। हरियाणा के मुख्य सचिव ने इस संबंध में खेल एवं युवा मामले विभाग को निर्देश जारी कर दिए है। खेल विभाग द्वारा जारी प्रमाणपत्रों के आधार पर ही खिलाडिय़ों को चतुर्थ श्रेणी से लेकर एचसीएस और एचपीएस स्तर तक की नौकरियां मिलनी हैं।


आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्सपर्सन के लिए बनी नीति का लाभ लेने के लिए 307 खिलाडिय़ों ने पहले से ही आवेदन कर रखे हैं। प्रशासनिक विभाग सुनिश्चित करेगा कि खिलाडिय़ों को उनकी पसंद और पात्रता के अनुसार ही नौकरी मिले। इसके अलावा सभी विभागों में खेल कोटे के रिक्त पदों की सूचना खिलाडिय़ों तक पहुंचाना प्रशासनिक विभाग की जिम्मेदारी होगी। साथ ही मुख्य सचिव, वित्त विभाग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग व हरियाणा लोकसेवा आयोग द्वारा बनाए नियमों में सरकार की अधिसूचना के पालन की जिम्मेदारी भी प्रशासनिक विभाग के अफसरों की होगी।


पूर्व सरकार की नीति से अलग होगी वर्तमान सरकार की योजना

प्रदेश की पूर्व सरकार ने पदक लाओ-पद पाओ’ की नीति बनाई थी। जिसके तहत 43 खिलाडिय़ों को नौकरी प्रदान की गई थी। इस नीति में सिर्फ पुलिस, खेल, पंचायत व शिक्षा विभाग में ही पदक विजेताओं को नौकरी का प्रावधान रखा गया था। हाल ही में लागू नई खेल नीति में सभी विभागों, बोर्ड-निगमों, विश्वविद्यालयों के अलावा ट्रिब्यूनल में भी खिलाडिय़ों को चतुर्थ श्रेणी से लेकर क्लास-वन और एचसीएस/एचपीएस की नौकरी मिलेगी।


मुख्य सचिव तय करेंगे किस खिलाड़ी को कौन सी नौकरी

हरियाणा सरकार की नई खेल नीति को मंजूरी मिलने के बाद खिलाडिय़ों से नौकरी के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। पूर्व में जिन 307 खिलाडिय़ों ने नौकरी के लिए आवेदन किया है, उन्हें दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं होगी। इन आवेदनों की नई नीति के तहत विभाग छंटनी करेगा और फिर नौकरी के लिए मुख्य सचिव से सिफारिश की जाएगी।

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