एस्मा के बावजूद हड़ताल पर हरियाणा रोडवेज र्किर्मयों ने शुरू की हडताल

एस्मा के बावजूद हड़ताल पर हरियाणा रोडवेज र्किर्मयों ने शुरू की हडताल

Prateek Saini | Publish: Sep, 05 2018 09:43:00 PM (IST) Ambala, Haryana, India

चंडीगढ़ डिपो में चक्काजाम का जबरदस्त असर नजर आया। रोडवेज कर्मचारियों द्वारा चंडीगढ़ डिपो के बाहर प्रदर्शन व नारेबाजी की गई

(चंडीगढ): पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बावजूद हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने बुधवार को प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर चक्काजाम किया। प्राइवेट बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत परमिट देने के विरोध में रोडवेज कर्मी अपनी पूर्व घोषणा के मुताबिक सड़कों पर उतर आए।


चंडीगढ़ डिपो में चक्काजाम का जबरदस्त असर नजर आया। रोडवेज कर्मचारियों द्वारा चंडीगढ़ डिपो के बाहर प्रदर्शन व नारेबाजी की गई। चंडीगढ़ डिपो को पूरी तरह पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया था लेकिन हडताल प्रभावी रही। हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों को अब प्राइवेट बस चालकों का भी समर्थन मिल चुका है। इस बात की जानकारी रोडवेज यूनियन के प्रेस प्रवक्ता नसीब जाखड़ ने दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक डिपो से 4 या 5 बसें ही चल रही हैं जो शाम तक या गुरूवार सुबह तक पूरी तरह से बंद हो जाएंगी क्योंकि यह हड़ताल अनिश्चितकालीन चलने वाली है। उनका कहना है कि उन्हें प्राइवेट बस ऑपरेटर के प्रधान दलबीर मोर का नैतिक समर्थन मिल चुका है। जल्दी ही एक आपातकाल बैठक बुलाकर प्राइवेट बस सर्विस बंद करने का निर्णय ले सकती है।


उधर, हड़ताल कर रहे रोडवेज कर्मचारियों पर जींद में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। बसों को जाने से रोक रहे कर्मचारियों पर लाठियां भांजी गई। करीब 30 कर्मचारियों को हिरासत में भी लिया गया। वहीं, फतेहाबाद में भी पुलिस और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद हिरासत में लिए गए 45 कर्मचारियों पर एस्मा के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। रेवाड़ी में करीब 20 रोडवेज कर्मियों व यूनियनों के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस पहरे में बसें रवाना की गई। लगभग 60 कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि अंबाला, रोहतक, भिवानी व कुरुक्षेत्र में हड़ताल बेअसर रही। यहां पुलिस की मौजूदगी में बसों को रवाना किया गया।

 

चार साल में 11वीं बार हड़ताल.

रोडवेज कर्मचारी हरियाणा की भाजपा सरकार के 4 साल के कार्यकाल में 11वीं बार हड़ताल कर रहे हैं। प्रदेश में रोडवेज के बेड़े में 4083 बसें हैं। करीब 3900 बसें हर रोज सड़कों पर चलती हैं। ये बसें करीब 13 लाख किमी का सफर तय कर 12.50 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। सभी बसें खड़ी रहती हैं तो महकमे को एक दिन में 5 करोड़ का नुकसान हो सकता है।


पांच यूनियनें हड़ताल पर, बाकी समर्थन में


ऑल हरियाणा वर्कर यूनियन, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ, भारतीय मजदूर संघ, मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन और इंटक से संबंधित रोडवेज वर्कर यूनियन हड़ताल पर आ गई है। अन्य यूनियनों ने हड़ताल को समर्थन दिया है। हड़ताल के कारण प्रदेशभर के मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।


हाईकोर्ट भी हुआ सख्त

एस्मा के बावजूद रोडवेज कर्मियों की हड़ताल पर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि हड़ताल की वीडियोग्राफी कराई जाए। हड़ताल करने वालों पर एस्मा एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई हो और उनके बायोमीट्रिक अटेंडेंस पर भी नजर रखी जाए। कोर्ट ने कहा कि रोडवेज यूनियन ने हाईकोर्ट में पहले अंडरटेकिंग देकर हड़ताल न करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में अब चक्काजाम या हड़ताल कोर्ट की अवमानना है। अंडरटेकिंग देने वाले कर्मचारी नेताओं को 3 अक्टूबर के लिए अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

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