भीख मांग गुजारा कर रहा था करोड़पति युवक, 2 साल बाद ऐसे हुई पहचान

नशा इंसान को क्या से क्या बना देता है। नाजों से पले और परिवार के लाड़ले एक युवक की दिमागी हालत खराब हुई तो घर छोड़ दिया। नशे की लत के चलते भिखारी बन बैठा। दो साल तक दर-दर भटकता रहा लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ...

Nitin Bhal

January, 1106:11 PM

अम्बाला. नशा इंसान को क्या से क्या बना देता है। नाजों से पले और परिवार के लाड़ले एक युवक की दिमागी हालत खराब हुई तो घर छोड़ दिया। नशे की लत के चलते भिखारी बन बैठा। दो साल तक दर-दर भटकता रहा लेकिन अचानक कुछ ऐसा हुआ कि दो वक्त की रोटी के लिए तरस रहा युवक अपने करोड़पति पिता के घर पहुंच गया। दरअसल, हरियाणा के अम्बाला कैंट की पुरानी अनाज मंडी में मंदिर के बाहर दो साल से भीख मांग रहा युवक करोड़पति निकला। दो बहनों का इकलौता भाई उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है। उसका वास्तविक नाम धनंजय ठाकुर है। हालांकि मंडी आने-जाने वाले और स्थानीय लोग उसे जटाधारी कहते थे। पिता राधेश्याम सिंह कोलकाता की एक बड़ी कंपनी में एचआर हैं। शुक्रवार को धनंजय की छोटी बहन नेहा सिंह उसे लेने पहुंची। तब जाकर युवक के घर से बिछडऩे और फिर मिलने की कहानी सामने आई। दरअसल, गुरुवार को धनंजय के पैर से खून बहता देख गीता गोपाल संस्था के सदस्य साहिल ने उसे पट्टी के लिए पास बुलाया। इसी दौरान उससे पूछा कि कहां के रहने वाले हो। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने वह जगह नहीं बता सका, लेकिन उसने थोड़ा याद करने के बाद एक मोबाइल नंबर बताया। यह नंबर आजमगढ़ में कनेक्ट हुआ। शिशुपाल ने कॉल रिसीव की। इसके बाद साहिल ने धनंजय के बारे में बात की तो पता लगा शिशुपाल युवक के ताऊ हैं। उन्होंने ही युवक का नाम धनंजय उर्फ धर्मेंद्र बताया। धनंजय दो साल पहले घर से गायब हो गया था। शुक्रवार को धनंजय की बहन नेहा उसे लेने पहुंची। भाई मंदिर के बाहर बैठा था। दाढ़ी और बाल बढ़े हुए थे। बहन को देखते ही धनंजय ने उसे पहचान लिया। बहन के मुंह से सिर्फ यही निकला-धमेंद्र तुम्हें भाई का फोन नंबर याद था, तो दो साल पहले फोन नहीं करवा सकते थे।

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Nitin Bhal Desk
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